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चारा संकट से निपटने के फॉर्मूले की पूरे प्रदेश में धूम

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बहराइच। जिले में नैपियर घास उगाने को लेकर किए गए सफल प्रयास शासन को भा गए हैं। इसी का नतीजा है कि मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को फरमान जारी कर दिया है कि इस मामले में बहराइच को नजीर माना जाए। बीते दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने सभी से कहा कि अपने-अपने यहां नैपियर घास उगाएं। इससे पशुओं के लिए चारे का संकट कम हो जाएगा। बताया जा रहा है कि इसके बाद कई जिलों ने घास उगाने को लेकर कवायद शुरू कर दी है।
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दरअसल, पशुओं के लिए हरे चारे की कमी दूर करने को लेकर जिलाधिकारी ने फरवी माह में सकारात्मक पहल की थी। सबसे पहले उन्होंने अपने निवास स्थान पर 20 बीघे से अधिक जमीन पर नैपियर घास की पैदावार कराई। इसके बाद घास तमाम गोशालाओं में भेजी गई। वहीं, काटने के बाद घास एक हफ्ते के अंदर फिर उतनी ही मात्रा में उग आई। इसे भी गोशालाओं में भेजा गया था। प्रयोग सफल होने पर डीएम ने उद्यान और कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर उन्हें भी नैपियर घास की बोआई कराने का निर्देश दिया था। जिलाधिकारी लगातार दोनों विभागों पर नजर भी रख रहे।
सफलता मिलने के बाद उन्होंने जिले के कई किसानों से संपर्क किया और उनसे भी नैपियर घास की बोआई कराने का आग्रह किया। तीन महीने पूर्व जिला प्रशासन ने इसे अभियान के रूप में चलाया। सभी विकास खंड क्षेत्रों में इसकी बोआई शुरू हुई और हरे चारे की कमी काफी कम हो गई। बाद में अन्य किसानों ने भी डीएम के अनुरोध पर नैपियर घास की बोआई शुरू की। अब तमाम गांवों में इस घास की पैदावार हो रही है।
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16 अगस्त को प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों के साथ वीसी की। इस दौरान उन्होंने बहराइच में अभियान चलाकर नैपियर घास की पैदावार पर चर्चा शुरू की तो सभी अधिकारी चकित रह गए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलाधिकारी इसे अभियान के तौर पर लें ताकि चारे की समस्या दूर की जा सके। जानकारी के मुताबिक, बदायूं के जिलाधिकारी और पूर्वांचल के कुछ अधिकारियों ने मुख्य सचिव का निर्देश मिलते ही नैपियर घास उगाने को लेकर काम शुरू कर दिया है।
बैठक के दौरान मैंने बताया था कि नैपियर घास से ही चारे की समस्या दूर हो सकती है। जिले की स्थिति को भी बैठक में रखा था। इससे प्रभावित होकर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को बहराइच की तर्ज पर ही नैपियर घास उगाने का निर्देश दिया है। -डॉ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी, बहराइच
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