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सख्ती के बावजूद नदारद रहे चार डॉक्टर व तीन कर्मचारी

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बहराइच। लगता है कि पयागपुर सीएचसी के चिकित्सक व अन्य कर्मचारी पूरी तरह मनमानी पर उतारू हैं। बुधवार को निरीक्षण के दौरान पयागपुर विधायक के सख्ती दिखाने के बाद भी हालात ज्यादा नहीं सुधरे। बृहस्पतिवार को भी चार डॉक्टर और तीन कर्मचारी अस्पताल नहीं पहुंचे। इसे आदेशों की अवहेलना के तौर पर देखा जा रहा है। उधर, विधायक सुभाष त्रिपाठी ने चेतावनी के बावजूद सात मुलाजिमों के अनुपस्थित रहने को लेकर सीएमओ पर तल्ख टिप्पणी की है।
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बुधवार को विधायक ने सीएचसी का निरीक्षण कर डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को पहली बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पयागपुर में ज्यादातर स्टाफ सुबह एक साथ नजर आया। हालांकि, इतना सब होने के बावजूद चार डॉक्टर और तीन अन्य कर्मचारी अनुपस्थिति रहे। इसे विधायक और प्रशासन को चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है। नदारद रहने वाले डॉक्टरों में अब्दुल वाहिद, डॉ. अतुल मिश्रा, डॉ. श्वेता यादव व डॉ. आलोक कुमार शामिल हैं। इसके अलावा स्टाफ नर्स सोनम प्रसाद, एलए विनोद दुबे और बाबू अपूर्व दीक्षित भी अनुपस्थित पाए गए।
गनीमत रही कि उपस्थिति पंजिका में इनके नामों के सामने किसी ने हस्ताक्षर नहीं किए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सोनी ने बताया कि बृहस्पतिवार को 60 में से 53 डॉक्टर व कर्मचारी मौजूद रहे। सैकड़ों मरीजों की ओपीडी हुई। उधर, इस प्रकरण पर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएमओ से आख्या मांगी है। उन्होंने कहा कि नदारद रहने वाले स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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सख्ती के बावजूद चार डॉक्टरों और तीन कर्मचारियों का नदारद रहना यह जाहिर करता है कि मुख्य चिकित्साधिकारी का नियंत्रण नहीं रह गया है। स्थिति नहीं सुधरी तो शासन तक शिकायत करेंगे। विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने नहीं देंगे। -सुभाष त्रिपाठी, विधायक, पयागपुर
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