बहराइच। थाना रानीपुर के चकडीहा भंभपुरवा गांव निवासी दुष्कर्म के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 8500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। करीब 23 साल तक चले इस मुकदमे में गुरुवार को बेटी को न्याय मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।
एडीजीसी क्रिमिनल गिरीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि वादी मुकदमा ने कोतवाली देहात में दुखहरन, बाबादीन व लालबहादुर के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में 22 अगस्त, 1999 को मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि गुरुवार को सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त दुखहरन को दोष सिद्ध करते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई। एडीजीसी क्रिमिनल पांडेय ने बताया कि न्यायाधीश ने 8500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थित में दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि मुकदमे में तीन नामजद अभियुक्तों में से एक लाल बहादुर की मौत हो चुकी है। एक अन्य अभियुक्त बाबादीन को न्यायाधीश ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।