बहराइच। काम में लापरवाही बरतने वाले तत्कालीन मटेरा थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया है। एसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि दो एसआई पर भी गाज गिर सकती है।
मटेरा थानाक्षेत्र के मटेरा चौराहे के पास स्थित चरसंडा माफी के पास लगभग पांच महीने पहले सड़क हादसा हो गया था। इसमें राधेश्याम नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस ने बिना शिनाख्त कराए अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार करा दिया और बाइक थाने में खड़ी कर दी थी। मामले में कोई लिखा-पढ़ी नहीं की गई। बाइक भी बिना लिखा-पढ़ी खड़ी रही। उधर, राधेश्याम की पत्नी रीनादेवी निवासी इमलिया, नानपारा ने गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। बाद में वह एसपी के जनता दरबार में पहुंचीं। इस पर एसपी ने सीओ को जांच के आदेश दे दिए। सीओ ने जांच की तो असलियत खुलकर सामने आई।
जांच में तत्कालीन मटेरा थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मवीर यादव, धर्मेंद्र, सत्यनारायण गिरी व कंप्यूटर ऑपरेटर मोहम्मद फैज को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। एसपी केशव चौधरी ने तत्काल पांचों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। वहीं, विभागीय सूत्र बताते हैं कि नगर कोतवाली में शव का मेमो भरने वाले एसआई भी कहीं न कहीं जिम्मेदार हो सकते हैं। साथ ही मटेरा थाने के हल्का दरोगा पर भी आंच आ सकती है। बताया जाता है कि जब सड़क हादसे में बाइक बरामद हुई थी और उसे थाने लाकर खड़ा किया गया था। उसी समय नंबर प्लेट पर पड़े नंबर से सर्च कर लिया जाता तो अज्ञात में पोस्टमार्टम कराने की नौबत न आती।