गायघाट (बहराइच)। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नवनिर्मित सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। करीब 11 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनी इस सड़क पर डेढ़ महीने बाद ही सैकड़ों की संख्या में पैचवर्क देखकर हर कोई हैरान है। 16 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह बनकर तैयार हुई लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से गुणवत्ता बेहद खराब है। सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार छिपाने के लिए ये पैचवर्क रातोंरात कराए गये हैं।
मामला गायघाट से रामपुर धोविया बैबही जाने वाली सड़क का है। इसका निर्माण 27 मई, 2021 से शुरू हुआ था। 26 मई, 2022 को काम समाप्त हुआ था। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई इस सड़क की लंबाई 16 किलोमीटर है। लागत 11 करोड़, दो लाख, 61 हजार रुपये है। आवाजाही के लिहाज से सड़क काफी महत्वपूर्ण है। इससे 20 लिंक मार्ग जुड़ते हैं।
दो लाख की आबादी इस सड़क से सीधे जुड़ी है। 26 मई को सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब वर्षों तक यह सड़क चलेगी। हालांकि, लोगों की यह उम्मीद पूरी नहीं हुई। धीरे-धीरे यह सड़क सैकड़ों जगह से उखड़ने लगी। गड़बड़झाला छिपाने के लिए अधिकारियों ने एक हफ्ते पहले पैचवर्क का कार्य शुरू करा दिया। काफी हद तक भ्रष्टाचार को पैचवर्क से ढक भी दिया गया है।
लोगों का कहना है कि यह कैसी सड़क है जो डेढ़ महीने भी न चल सकी। लोगों ने जब तस्दीक की तो एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में पैचवर्क नजर आए। बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार छिपाने के लिए पैचवर्क रातोंरात कराए गये। जाहिर सी बात है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता और मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया।
इससे करीब 20 संपर्क मार्ग जुड़े हैं। इनमें नयापुरवा, गुलरा, बगहा, राजापुरकला, जयरामपुर, हुरंगा, पकड़िया दीवान, मटिहा, बनघुसरी, बढ़ैया कला, बुढ़वा बाबा, करखट्टन पुरवा, दुद्धाधारी, खैरी, दौलतपुर आदि संपर्क मार्ग शामिल हैं।
इस सड़क के किनारे भी दर्जनों गांव हैं। इसमें नयापुरवा, गौरी, राजापुर, रेतहिया, कलंदरपुर, भरिया, बनधुसरी, बेहननपुरवा, रामपुर बाजार, धोबिया, बैबाही आदि गांव हैं। यहां के लोगों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण सड़क है। इसी सड़क से होकर यहां के लोग विभिन्न स्थानों पर जाते हैं।
हो सकता है कुछ पैचवर्क हों। कभी-कभी जांच करने के लिए खोदाई की जाती है। इसके बाद उसे पैच कर दिया जाता है। इतनी अधिक संख्या में पैचवर्क की जानकारी मुझे नहीं है।
-अतुल कुमार, अवर अभियंता, पीएमजीएसवाई, मिहींपुरवा
मेरे विभाग के अधिकारियों ने विगत महीने दौरा किया था तब तो एक भी पैचवर्क नहीं था। अब कैसे हो गये। 20 दिन पहले भी मैंने स्वयं निरीक्षण किया था तब भी पैचवर्क नहीं थे। सड़क दिखवाऊंगी। - कल्पना सिंह, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई, मिहींपुरवा
मेरा तबादला लखीमपुर हो गया है। नया अधिशासी अभियंता कौन है, इसकी भी जानकारी नहीं है।
- एके वर्मा, पूर्व अधिशासी अभियंता, लोनिवि, बहराइच