बहराइच। फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से एक दूसरे में फैलती है। एक बार लक्षण प्रकट होने के बाद इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन साल में एक बार लगातार पांच साल तक पांच खुराक दवा का सेवन करने से फाइलेरिया से बचा जा सकता है।
ये बातें एसडीएम सदर की अध्यक्षता में आयोजित फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रविवार को तहसील स्तरीय विभागीय समन्वय बैठक में अर्बन नोडल संचारी रोग डॉ. पीके वर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया का संक्रमण व्यक्ति को पता नहीं चलता है। इसके लक्षण पांच से 15 साल बाद दिखाई देते हैं। इसको लेकर 10 अगस्त से तीन सितंबर तक सामूहिक दवा सेवन अभियान (एमडीए) चलाया जाएगा। इसमें 3594 टीमें लक्षित 37.63 लाख आबादी को दवा सेवन कराएंगी।
इस मौके पर सीओ सिटी, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ, सीएचसी अधीक्षक, सीडीपीओ, ऐडीओ पंचायत, खण्ड शिक्षा अधिकारी, कृषि अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक फायलेरिया इंस्पेक्टर, पीसीआई संस्था के डिस्ट्रिक्ट मोबिलाइजेशन कोऑर्डिनेटर आदि मौजूद रहे।
दो साल से ऊपर सभी को खिलाई जाएगी
चित्तौरा सीएचसी अधीक्षक डॉ. तबरेज ने बताया कि यह दवा दो वर्ष की आयु से छोटे बच्चों, गर्भवती और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी उम्र के लोगों को खिलाई जाएगी। ये दवा खाली पेट नहीं खाना है। इसके अलावा एक से दो वर्ष की आयु के बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा भी खिलाई जाएगी, जो कृमि रोग का उपचार कर बच्चों के विकास में सहायक होता है।
ऐसे चलेगा अभियान
रिसिया सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रत्यूष सिंह ने बताया कि अभियान सप्ताह में चार दिन सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलाया जाएगा। इसमें दो सदस्यों की टीम घर-घर जाकर दवाएं खिलाएंगे। छूटे हुए घरों या किसी काम से घर से बाहर गए व्यक्तियों को बुधवार और शनिवार को दवा खिलाने पहुंचेंगे।