ककरहा रेंज के बेझा में वन विभाग द्वारा पिंजरेे में कैद तेंदुआ। -संवाद
एक माह में पकड़े गए सात तेंदुए, कतनिर्याघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज में कैद हुई मादा तेंदुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतनिर्याघाट वन्यजीव प्रभाग में बीते कई दिनों से तेंदुए का आतंक है। आबादी के आसपास लगातार तेंदुए देखे जाने से भय का माहौल है। हालांकि तेंदुओं की धरपकड़ भी लगातार जारी है। बीते 21 दिनों में सात तेंदुए पिंजरे में कैद हुए हैं। शनिवार की देर रात भी ककरहा रेंज के बेझा गांव के पास एक मादा तेंदुए पिंजरे में कैद हुई। जिसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए वन रेंज कार्यालय ले जाया गया है।
कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज के ग्राम पंचायत बेझा के मजरा पकरिया में वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाया गया था। जिसमें देर रात लगभग तीन बजे बकरी को निवाला बनाने के चक्कर में एक तेंदुआ कैद हुआ। सूचना पर पहुंचे दरोगा अशोक श्रीवास्तव, वन दरोगा अमर सिंह, चौकीदार रामकुमार पिंजरा सहित तेंदुए को लेकर ककरहा वन रेंज कार्यालय पहुंचे । जहां चिकित्सकों के पैनल ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
चार से पांच वर्ष की है पकड़ी गई मादा तेंदुआ
वन क्षेत्राधिकारी ककरहा धर्मेंद्र कनौजिया ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुआ मादा है और पूरी तरह स्वस्थ है। तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष है और उसका वजन लगभग 35 से 40 किलो है। तेंदुए को रेंज कार्यालय लाया गया है। जहां पर डॉक्टरी परीक्षण के उपरांत उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।