बहराइच। खैरीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरुही टेपरी निवासी एक युवक को बुधवार की शाम मुकदमे में सुलह न करने पर कुछ लोगों ने लाठियों से पीट दिय। गंभीर हालत में इलाज के लिए परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय युवक की मौत हो गई।
खैरीघाट थाना क्षेत्र ग्राम पंचायत बरुही टेपरा निवासी कुंवारे उर्फ हगनू(48) पर बुधवार की शाम गांव निवासी कुछ लोगाें ने मुकदमें में सुलह न होने पर लाठियों व ईंट से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रुप से घायल कुंवारे को सीएचसी में भर्ती करवाया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
मृतक के भतीेजे विजय ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीते 10 साल पहले कुंवारे की बेटी को अभियुक्त का लड़का बहला फुसला कर अपने साथ लेकर चला गया था। जिसके बाद मृतक ने अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इसी मुकदमे को लेकर अभियुक्त उस पर सुलह का दबाव बना रहे थे। एक माह पूर्व भी अभियुक्तों ने लाठियों से हमला कर दिया था, जिसके बाद सीएचसी में भर्ती करवाया गया था और जान बच गई थी। तब भी मुकदमा दर्ज करवाया गया था।
भतीेजे विजय ने आरोप लगाया कि सुलह के दबाव में ही बुधवार की शाम कुंवारे पर खेत में हमला कर दिया। बचाव में कुंवारे जब घर आया तो यहां भी उसे लाठियों व ईंट से पीटकर जान ले ली।
थाना प्रभारी का नहीं उठा सीयूजी नंबर
मुख्यमंत्री व डीजीपी ने सीयूजी नंबर उठाने के लिए सख्त आदेश दिए थे। लेकिन ये आदेश खैरीघाट थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी के लिए कोरा कागज है। बृहस्पतिवार को हत्या के आरोप के संबंध में जानकारी के लिए खैरीघाट थाने के सीयूजी नंबर पर कई बार फोन किया गया, लेकिन थाना प्रभारी ने फोन नहीं उठाया। वहीं एसपी प्रशांत वर्मा का फोन एक बार में उठ गया। एसपी के हस्तक्षेप के बाद थाना प्रभारी ने फोन उठाया और जानकारी दी।