बहराइच। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। मेडिकल कॉलेज सहित चार सीएचसी में कोविड वार्ड तैयार किया गया है। इसमें डेढ़ सौ बेड आरक्षित किए गए हैं। रेलवे स्टेशन व नेपाल सीमा पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। बाहर से आने वाले यात्रियों की गहनता से जांच की जा रही है।कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर पांव पसारना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए शासन स्तर से अलर्ट जारी किया गया। तैयारियों में जुटे स्वास्थ्य अधिकारियों ने दावा किया है कि हर परिस्थिति से निपटने के लिए उनके पास पर्याप्त इंतजाम हैं। जनपद में अभी कोरोना के सक्रिय मरीज नहीं हैं।
सीएमएस डॉ. ओपी चौधरी ने बताया कि खतरे को देखते हुए 11 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में रिहर्सल कर लिया गया है। 50 बेड का कोविड आइसोलेशन वार्ड भी तैयार कर लिया गया है। सभी बेडों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त मात्रा में सभी दवाएं मौजूद हैं।
कोविड जांच का दायरा बढ़ाया गया
सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन जरवलरोड पर बाहर से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिले में लगभग एक हजार कोरोना की प्रतिदिन जांचें की जा रही हैं। चार सीएचसी में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें सीएचसी कैसरगंज में 50, सीएचसी चर्दा में 10, मोतीपुर में 10 व पयागपुर में 10 बेडों को आरक्षित कर लिया गया है। सभी बेडों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर ली गई है। ऑक्सीजन प्लांट व कंसंट्रेटर क्रियाशील हैं। दवाएं भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल सीमा पर विशेष निगरानी की जा रही है।
मास्क गायब, दो गज की दूरी भी दरकिनार
बहराइच। कोरोना के खतरे को लेकर लोग लापरवाह हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। दो गज की दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में लोगों की यह लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
भारत-नेपाल सीमा पर हो रही जांच में बीते मार्च से अब तक दिल्ली व मुंबई से लौटने वाले नेपाली युवकों में से लगभग 50 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुुकी है। इसके बाद भी लोग कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति लापरवाह दिख रहे हैं। आगामी दिनों में पड़ रहे पर्वों के मद्देनजर बाजारों में भी धीरे-धीरे भीड़ बढ़ रही है। इसके बाद भी लोग कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अगर यही हाल रहा तो यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
कोरोना से 178 लोगों की हो चुकी मौत
बीते वर्षों में कोरोना ने पूरे देश तबाही मचाई थी। बहराइच स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 178 लोगों की मौत हुई थी। लाॅकडाउन में कई महीने लोग घरों में कैद रहे लेकिन दिन बीतने के साथ ही लोग सब कुछ भूल गए।
चार महीने से नहीं कोविड वैक्सीन
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लगने वाली वैक्सीन भी बीते दिसंबर से नहीं है। ऐसे में टीकाकरण का कार्य ठप चल रहा है। जिले में काफी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हेें बूस्टर डोज अभी तक नहीं लग सकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीन मिलने पर टीकाकरण का कार्य शुरू करने की बात कही जा रही है।