बहराइच। जिले की दो नगर पालिका समेत छह नगर पंचायतों में बृहस्पतिवार को हुई नाम वापसी के बाद अब चुनाव मैदान में अध्यक्ष व सभासद पद के 1005 प्रत्याशी बचे हैं। इनमें अध्यक्ष पद के 103 व वार्ड सभासद पद के 902 प्रत्याशी हैं। इस दौरान सरकार में शामिल गठबंधन की निषाद पार्टी की तरफ से सदर निकाय क्षेत्र में अध्यक्ष पद पर दाखिल पर्चा काफी जद्दोजहद के बाद वापस लिया गया। इसके साथ ही अन्य निकाय क्षेत्रों से भी अध्यक्ष पद के 22 प्रत्याशियों ने मैदान छोड़ने का फैसला किया।
निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद जिले की दो नगर पालिका व छह नगर पंचायतों में अध्यक्ष के लिए 126 व सभासद के लिए 155 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे थे। बृहस्पतिवार को नामांकन वापसी के दौरान जिले की दो नगर पालिकाओं में से दो प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया। नाम वापसी में नगर पंचायतों की संख्या सबसे ज्यादा रही। जिले की छह नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के 21 प्रत्याशियों ने अपना पर्चा वापस लिया।
जबकि दो नगर पालिकाओं में सभासद पद पर नाम वापस लेने वालों की संख्या 21 व छह नगर पंचायतों में 32 रही। नाम वापसी के बाद अब नगर निकाय चुनाव के लिए मैदान में बचे प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।
चुनाव से हटने को एलान कर पूजा ने सभी को चौकाया
सदर नगर पालिका सीट से भाजपा गठंबंधन में निषाद पार्टी की पूजा निषाद ने काफी उत्साह के साथ अपना नामांकन पर्चा दाखिल कराया था। नामांकन के दौरान उन्होंने भाजपा पर गठबंधन की शर्तों को न मानने का आरोप भी लगाते हुए भाजपा प्रत्याशी को कड़ी चुनावी टक्कर देने की बात कही थी। लेकिन बृहस्पतिवार को नाम वापसी के दौरान पूजा निषाद ने अचानकृ कलेक्ट्रेट पंहुचकर अपना पर्चा वापस लेकर चुनाव मैदान छोड़ने का एलान कर सभी को चौका दिया।
पर्चा वापसी के बाद जिले के विधायकों व पार्टी पदाधिकारियों ने पूजा के निर्णय का स्वागत करते हुए इस पर आभार जताया। वही पयागपुर नगर पंचायत से निर्दलीय नामांकन करने वाले बीजेपी के कार्यकर्ता पंकज शुक्ला ने भी नाम वापस ले लिया है। इससे पार्टी में खुशी की लहर है।
वार्ड नंबर दस में निर्विरोध निर्वाचन तय
सदर नगर पालिका परिषद में वार्ड नंबर दस से आशीष सिंह व उनकी पत्नी ने नामांकन के अंतिम दिन अपना-अपना पर्चा दाखिल किया था। पर्चा दाखिल करने के बाद से ही इस सीट पर निर्विरोध चुनाव होना तय दिख रहा था। बृहस्पतिवार को पत्नी ने अपने पति के समर्थन में पर्चा वापस ले लिया। अब इस सीट पर आशीष का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।