बहराइच। शासन की ओर से की जा रही गेहूं खरीद पूरी हो चुकी है। इस बार मात्र 4.22 प्रतिशत खरीद हो सकी है। मंडी में भी गेहूं बिक्री करने वाले किसानों का टोटा देखने को मिल रहा है। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि गेहूं का बड़े स्तर पर भंडारण किया जा रहा है, ताकि बाजार में गेहूं मूल्य में वृद्धि हो। इन कयासों पर विराम लगाने के लिए शासन की ओर से गेहूं स्टोर की लिमिट निर्धारित कर दी गई है। इससे अधिक भंडारण करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि जिले में हर वर्ष गेहूं की अच्छी पैदावार होती है और बाजार में भारी मात्रा में गेहूं उपलब्ध रहता है। लेकिन इस बार बाजार में गेहूं की आवक काफी कम देखने को मिल रही है। जिसका असर सरकारी खरीद पर भी देखने को मिला और सिर्फ 4.22 प्रतिशत गेेहूं ही खरीदा जा सका। सरकारी खरीद समाप्त होने के बाद भी बाजार से गेहूं नदारद है। ऐसे में गेहूं की मूल्य में वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए सरकार की ओर से स्टॉक लिमिट निर्धारित कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2024 तक लागू इस आदेश के तहत थोक व्यापारी अब अपने पास सिर्फ 3000 टन तक स्टोर कर सकता है। रिटेलरों के लिए यह लिमिट 10 टन की है। सभी व्यापारियों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर उनके स्टॉक की जानकारी देनी होगी।
जांच में अधिक मिलने पर होगी कार्रवाई
खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि जिनके पास क्षमता से अधिक मात्रा में गेहूं मौजूद है, उन्हें 30 दिन के अंदर इसे निर्धारित सीमा के अंदर लाना होगा। गेहूं भंडारण को लेेकर विभाग की ओर से जांच व छापेमारी की जाएगी। अगर कहीं भी निर्धारित क्षमता से अधिक गेहूं भंडारण पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।