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भाई-बहन समेत तीन की मौत

Thu, 21 Aug 2014 05:30 AM IST
Bahraich
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खैरीघाट/महसी। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी कम होने लगा है लेकिन बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियों कम नहीं हुई हैं। पानी कम होने के बाद जलभराव में उतरा रही ग्रामीणों और मवेशियों के शवों से सड़ांध की स्थिति बन रही है, जिससे जिंदगी दुश्वार हो गई है। वहीं, संक्रामक बीमारियां भी फैल गई हैं। महसी के गांवों में डायरिया और बुखार ने पांव पसार लिए हैं। बुधवार दोपहर डायरिया से भाई-बहन की मौत हो गई जबकि दंपती समेत नौ लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहीं, बेलहा-बेहरौली तटबंध पर शरण लिए एक बच्चे ने भी बुखार से दम तड़ दिया। खैरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बौंडी के मजरा दूजीपुरवा से मंगलवार को बाढ़ का पानी कम होने लगा। इसके बाद लोग बुखार और डायरिया की चपेट में आ गए। बुधवार दोपहर गांव निवासी किशुनलाल, उनकी पत्नी कौशिल्या, पुत्र राजा बाबू, पुत्री अनूपा और प्रीती को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिवार के लोगों ने घर पर ही इलाज शुरू किया लेकिन शाम पांच बजे के आसपास राजा बाबू (9) और अनूपा (5) ने दम तोड़ दिया। थोड़ी देर बाद किशुनलाल, उनकी पत्नी कौशिल्या और बेटी प्रीती की भी हालत बिगड़ने लगी। इस पर गांव के लोगों ने तत्काल सभी को सीएचसी शिवपुर पहुंचाकर भर्ती कराया है। उधर, गांव निवासी परमेश्वर की पुत्री सोना (14), सुधा (7), पिंकी (8), पुत्र प्रदीप (10), सुरेंद्र (18) पुत्र नंदकिशोर, महेश (22) पुत्र अमिरका भी डायरिया की चपेट में आ गए हैं। इन सबको भी देर शाम सीएचसी ले जाया गया है। उधर, महसी के बेलहा-बेहरौली तटबंध पर सेमरा गांव निवासी रमजान परिवार समेत शरण लिए हुए हैं। रमजान के एक वर्षीय बेटे वली को अचानक बुखार की शिकायत हुई और थोड़ी ही देर में वली ने दम तोड़ दिया। इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर जेएन मिश्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि डायरिया व बुखार से मौत की सूचना मिली है। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम गांव भेजी गई है।
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