बहराइच। तराई में मौसम ने एक नवंबर को अचानक अंगड़ाई ले ली। शुक्रवार की सुबह कोहरे की चादर में लिपटी दिखी। दिन-भर आसमान में बादल छाए रहे। सूरज की लुकाछिपी ने धनतेरस पर्व पर तराईवासियों को सर्दी का एहसास कराया। जिसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक अगले 24 घंटों में मौसम में बदलाव की संभावना जता रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात व साइक्लोन का प्रकोप तराई के मौसम पर भी दिखने लगा है। तराई में तीन दिनों से धुंध छाई हुई थी। शुक्रवार को सुबह जब लोगों ने बिस्तर छोड़ा तो घर और द्वार के सामने कोहरा छाया देख हैरत में पड़ गए। तराई के मौसम में अचानक बदलाव के चलते सुबह से ही वातावरण में कोहरे की धुंध छायी रही। इस कारण तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। लोग सिहरते रहे। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी व मौसम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पिछले चौबीस घंटों में केदारनाथ, हिमांचल प्रदेश व कश्मीर की वादियों में जमकर बर्फबारी हुई है। जिसका असर आने वाली पछुवा हवाओं के कारण तराई पर भी दिखने लगा है। इसी वजह से शुक्रवार की सुबह कोहरे की धुंध छाई रही। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। अगले 24 घंटों में हल्की फुहारें पड़ने की संभावना जताई।