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अंग्रेजी हुकूमत के मानकों पर ही चल रही जेल की सुरक्षा इंतजाम

Lucknow Bureau Updated Thu, 13 Sep 2018 01:17 AM IST
बहराइच। अंग्रेजी हुकूमत के समय आजादी के दीवानों को कैद करने के लिए 1886 में बनाई गई बहराइच जेल आज भी सुरक्षा के उन्हीं मानकों पर टिकी है। जेल में बहराइच के साथ श्रावस्ती जनपद के बंदियों के होने के कारण क्षमता से दोगुने बंदी रखे जा रहे हैं। चार माह से जेल अधीक्षक का पद खाली पड़ा है।
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डिप्टी जेलर समेत अन्य पुलिस कर्मियों के पद भी खाली हैं। जेलर के पास न तो आवास तक जाने के लिए गाड़ी है और न ही चालक का पद ही जेल में सृजित है। सुरक्षा गार्ड तक भी मुहैया नहीं कराए गए हैं। जिला कारागार बहराइच में बंदियों के लिए 13 बैरक बनी हुई हैं। जेल मैनुअल के अनुसार एक बैरक में 60 बंदी ही रखे जाने चाहिए।

इस समय जेल में लगभग 1200 बंदी निरुद्ध हैं। ऐसे में जेल प्रशासन को एक बैरक में सवा सौ से अधिक बंदी रखने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह जेल द्वितीय श्रेणी में आती है। इस समय जेल में 125 सजायाफ्ता कैदी भी रह रहे हैं। जेल प्रशासन के अनुसार जेल में न तो वाहन है और न ही चालक का पद सृजित है।

ऐसे में जेल प्रशासन को बंदी के बीमार होने की स्थिति में सिपाहियों को चालक बनाकर एंबुलेंस को जिला अस्पताल भेजना पड़ता है। जेलर को गनर व पिस्टल भी मुहैया नहीं कराई गई है। ऐसे में जेल में सख्ती बरते जाने पर उनकी जान मुश्किल में फंस सकती है। आवास तक पैदल ही जाने की मजबूरी भी होती है।

श्रावस्ती के दो बंदी हुए थे फरार
जनपद न्यायाधीश श्रावस्ती की कोर्ट में 14 नवंबर 2016 को सिरसिया के पड़रहवा गांव निवासी शमसुद्दीन उर्फ छोटकऊ और मेराजुद्दीन उर्फ बाबादई पेशी से वापस लौटते समय पुरानी बाजार के निकट से फरार हो गए थे। इनको ले जाने वाले सिपाही सत्यप्रकाश व सूर्यभान को निलंबित कर दिया गया था। दोनों के ऊपर हत्या का मुकदमा चल रहा था।

वहीं, जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी राजकुमार विश्वकर्मा पेशी के लिए दीवानी न्यायालय बहराइच गया था। चार साल पूर्व उसने ब्लेड से अपनी गर्दन काट ली थी। बंदी के पास ब्लेड पहुंचने की जांच तो शुरू की गई, लेकिन वह ठंडे बस्ते में चली गई।

जेल की दीवार फांद फरार हुए थे पांच बंदी
वर्ष 2006 में जिला कारागार के उत्तर दिशा की जेल की दीवार को कपड़ों की रस्सी के सहारे पांच बंदी फरार हो गए थे। हालांकि बाद में सभी पकड़ लिए गए थे। इसमें जेल कर्मियों की मिलीभगत की बात सामने आई थी। यहां भी जांच के नाम पर फाइलों में राज दफन कर दिए गए।

जेल में सुरक्षा कर्मियों की स्थिति
पद मानक तैनाती
जेल अधीक्षक 1 0
जेलर 1 1
डिप्टी जेलर 4 2
बंदीरक्षक 64 32
हेड वार्डर 7 4
महिला बंदीरक्षक 8 1

जेल अस्पताल की स्थिति
जेलर वीके शुक्ला का कहना है कि जेल अस्पताल में 20 बेड हैं। इसमें दो डॉक्टर की जगह एक, दो फार्मासिस्ट की जगह एक की तैनाती है। महिला बंदियों के लिए जिला अस्पताल से विशेषज्ञ को बुलाया जाता है।

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