गायघाट (बहराइच)। तहसील मिहींपुरवा के ग्राम पंचायत मंझरा के मजरा मेवालालपुरवा में घाघरा का जलस्तर कम होने के बाद कटान तेज हो गई है। बीते एक सप्ताह में घाघरा की लहरों की चपेट में आकर 31 मकान व 150 बीघा कृषि भूमि नदी की जलधारा में विलीन हो गई है। कई ग्रामीणों ने अपने हाथों से खुद के आशियाने तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर से पलायन कर लिया है। कटान पीड़ितों को कोई सहायता न मिलने से सभी पीड़ित खुले आसमान के नीचे जीवनयापन करने को विवश हैं।
ग्राम पंचायत मंझरा के ग्राम मेवालालपुरवा, खैरागौढ़ी, भजोरेगौढ़ी, दोबा व ललतूपुरवा में नदी तेजी से कटान कर रही है। ग्राम पंचायत मंझरा के मजरा मेवालालपुरवा निवासी रामखेलावन ने कटान की विभीषिका को देखते हुए अपना आशियाना अपने हाथों से तोड़ दिया। कटान की चपेट में आने से मेवालालपुरवा से दोबा व भजरेगौढ़ी से खैरागौढ़ी तक लगभग दो किलोमीटर डामर रोड भी कटान की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि दोबा गांव में कैलाश, राजाराम, पेशकार, सुरेश, लल्लू, कन्हैया, राजेंद्र व घिर्रा के मकान कटान की चपेट में हैं।
वहीं भजरेगौढ़ी में संतराम, मस्तराम, छोटेलाल, अखिलेश, सुमित्रा देवी, परिक्रमा, मनोहर, हीरालाल, रमेश, गुड्डू, प्यारेलाल, सियाराम व लच्छीराम आदि के मकान भी कटान की भेंट चढ़ गए हैं। क्षेत्रीय लेखपाल पवनसुत श्रीवास्तव ने बताया कि मकान व कृषि भूमि कटने की सूचना मिली है। इसकी जांच कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है। कटान पीड़ितों को अभी तक कोई सहायता न मिलने से सभी खुले आसमान में नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
पीड़ितों को मिलेगी सहायता
कटान पीड़ित ग्रामों में जिन ग्रामीणों के मकान व कृषि भूमि कटान की भेंट चढ़े हैं। उनकी निरीक्षण लेखपाल द्वारा किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने पर सभी पीड़ितों को सहायता मुहैया कराई जाएगी। -ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, एसडीएम