बहराइच/ मिहींपुरवा। मोतीपुर तहसील के ग्राम पंचायत जालिमनगर के मजरा मोगलहनपुरवा में बृहस्पतिवार शाम अचानक भीषण आग लग गई। एक घर से उठी आग की लपटों को तेज हवा ने देखते ही देखते सैकड़ों घरों तक पहुंचा दिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते एक साथ सैकड़ों घरों से आग की भीषण लपटें उठने लगीं। काले धुएं ने पूरे गांव को अपने आगोश में ले लिया। गांव में भगदड़ जैसा माहौल रहा। 250 से अधिक मकान जल गए।
मोतीपुर तहसील के ग्राम पंचायत जालिमनगर के मजरा मोगलहनपुरवा में बृहस्पतिवार शाम ग्रामीण छोटे के घर में बच्चे दूध गर्म कर रहे थे। इसी दौरान घर के छप्पर में आग लग गई। तेज पछुवा हवा के झोंकों ने देखते ही देखते लगभग आधे गांव को आग की तेज लपटों में झोंक दिया। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते 250 से अधिक घर आग के हवाले हो गए और लोगों की सालों की जमा की गई गृहस्थी जलकर खाक हो गई। तेज हवा के कारण लोग कुछ भी सामान घर से नही निकाल सके।
आग बुझाने के चक्कर में छह ग्रामीण भी झुलस गए। एक मवेशी की मौत हो गई। गनीमत रही कि आग से जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने मदद के लिए एसडीएम संजय कुमार को आग की सूचना दी। जिस पर नानपारा व लखीमपुर खीरी के धौरहरा से दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। आग बुझाने का प्रयास शुरू हुआ। लेकिन जब आग बुझाई जाती 250 से अधिक मकान खाक में मिल गए।
नायब तहसीलदार अर्सलान रशीद के साथ पूरी तहसील टीम राहत व बचाव कार्य में लगी हुई है। मोतीपुर थाना प्रभारी मुकेश कुमार सिंह पूरी पुलिस टीम के साथ मौके पर जमे हैं। स्वास्थ्य टीम भी मौके पर पहुंची है और आग से झुलसे लोगों के इलाज में जुटी है।
मोगलहापुरवा में लगी आग से करोड़ों के नुकसान की बात कही जा रही है। अब तक मिली सूचना के मुताबिक ग्रामीण छोटे के घर में 14,500 नगदी, झीगुर के 7000, कमलेश के 18 हजार, बदलू, मुनेजर, हंशराज, श्रीनिवास, इमीदर, चन्दिरका, गोविन्द, सूरत, राममूरत, सियाराम, खेलावन, राम प्रवेश, कमला, केशवराम, जगदीश, नेम प्रसाद आदि की गृहस्थी व घर में रखी नगदी जल गई है।
आग की लपटें देख मची भगदड़
गांव के एक हिस्से से भीषण आग की लपटें और काला धुंआ देख गांव में भगदड़ मच गई। हर ग्रामीण आग लगे क्षेत्र की ओर दौड़ा और आग को बुझाने का प्रयास किया। लेकिन तेज हवाओं के झोंकों के साथ तेजी से फैल रही आग को देख ग्रामीण अपने-अपने घर सुरक्षित करने के लिए भागे। इस दौरान पूरे गांव में अफरातफरी और भगदड़ जैसा माहौल रहा। ग्रामीणों ने अपने घरों से सामान निकाल कर खेतों में फेंक दिया।
छप्परों को पानी से नहलाते दिखे ग्रामीण
भीषण आग की लपटें और सैकड़ों घरों को जलता देख ग्रामीणों की चीख निकल गई। इस दौरान आग से कुछ दूरी पर बने घरों के ग्रामीणों को छप्परों पर पानी डालते देखा गया। आग के फैलाव को रोकने के लिए ग्रामीणों ने छप्परों को पानी से भिगो दिया, ताकि उनके घर तक आग पहुंचने पर छप्पर भीगा होने से बुझ जाए और फैलने से रुक जाए।
चीखते-चिल्लाते रहे बच्चे
भीषण आग ने लगभग आधे मोगलहनपुरवा गांव को अपने कब्जे में लिया। इस दौरान एक साथ सैकड़ों घरों को जलता देख छोटे-छोटे बच्चों की चीख निकल गई। बच्चे इधर-उधर भागने लगे। गांव के दूसरे हिस्सों से आई महिलाएं जलते घरों व दौड़ते भागते लोगों को देख बिलख पड़ीं। इस दौरान महिलाओं को साड़ी के पल्लू से अपने आंसू पोछते देखा गया।
शाम को भी धधकता रहा गांव
आग के शांत हो जाने के बाद शाम को भी पूरा गांव धधकता रहा और हर घर से धुआं निकलता दिखा। आलम यह रहा कि शाम को भी लोग खंडहर हो चुके घरों में दाखिल नहीं हो सके। दमकल के वाहन खंडरों में सुलग रही आग को बुझाने में लगे रहे।
पीड़ितों की होगी मदद
आग पर काबू पाने के लिए नानपारा व लखीमपुर के दौरहरा से दमकल वाहन बुलाए गए थे। आग पर काबू पा लिया गया है। ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था करवाई जा रही है। क्षति का आंकलन करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए तहसील प्रशासन कटिबद्ध है।
-संजय कुमार, एसडीएम