बहराइच। शहर वासियों की ओर से वर्षों से की जा रही रिंगरोड की मांग जल्द पूरी होने वाली है। सांसद बहराइच व सदर विधायक की ओर से दिए गए रिंगरोड के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। रिंग रोड के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग इस्टीमेट बनाने में जुट गया है। लगभग 15 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 250 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस दौरान कुछ पुलों का निर्माण भी कराया जाएगा। रिंग रोड के निर्माण से सबसे ज्यादा फायदा शहर वासियों को मिलेगा और जाम से उन्हें निजात मिलेगी।लखनऊ, दिल्ली, सीतापुर, बाराबंकी आदि जनपदों से आने वाले बड़े व छोटे वाहन शहर के बीचो-बीच होकर गोंडा व बलरामपुर जिले के लिए रवाना होते हैं। इससे शहर में भीषण जाम की स्थिति देखने को मिलती है और वाहनों को रेंगते देखा जाता है। इस समस्या के निराकरण के लिए जिलेवासी बीते कई सालों से शहर के बाहर से रिंगरोड के निर्माण की मांग कर रहे थे। इस पर अब मुहर लग गयी है और जल्द ही रिंगरोड का निर्माण शुरु कर दिया जाएगा। रिंगरोड निर्माण के लिए सांसद बहराइच अक्षयबर लाल गोंड व सदर विधायक अनुपमा जायसवाल ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में बहराइच-लखनऊ मार्ग को शहर के बाहर से बाईपास बनाकर सीधे बहराइच-गोंडा और बलरामपुर मार्ग से जोड़ने की बात कही गयी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे गए इस पत्र का उन्होंने संज्ञान ले लिया है और रिंगरोड निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से इस्टीमेट बनाकर भेजने का आदेश दिया है। वहीं उम्मीद जताई जा रही है, इस बार जारी होने वाले बजट में इसके लिए भी धनराशि आवंटित हो जाएगी।
लोक निर्माण विभाग कार्यालय के अनुसार शासन की ओर से इस्टीमेट बनाकर भेजने का निर्देश जारी किया गया है। निर्देश के बाद सर्वे का कार्य शुरु कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया रिंगरोड निर्माण के तहत 15 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया जा सकता है। इस पर लगभग 250 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। सर्वे पूरा होने के बाद लागत बढ़ या घट सकती है।
रिंग रोड के प्रस्ताव के बाद महाराजा सुहेलदेव पर्यटन स्थल भी सीधे तौर पर हाईवे से जुड़ सकता है। सूत्रों की माने तो रिंगरोड के निर्माण में इस बात का खासा ध्यान रखा जाएगा और संभवत: बहराइच-लखनऊ मार्ग से निकलने वाला हाईवे महाराजा सुहेलदेव पर्यटन स्थल को सीधे जोड़ते हुए बहराइच-गोंडा मार्ग से जुड़ेगा।
मुख्य सड़क के शहर के बीचो बीच से गुजरने के चलते लगभग प्रतिदिन केडीसी, डीएम चौराहा, अस्पताल चौराह, जेलरोड, शिवनगर चौराहा आदि पर जाम की स्थिति देखने को मिलती है। वहीं नानपारा, रुपईडीहा, लखीमपुर आदि जगहों से आने वाले वाहनों के चलते शहर के छावनी, अग्रसेन चौक, डिगिहा आदि पर भी जाम लगता है। लेकिन रिंग रोड के निर्माण के बाद जाम से निजात मिलेगी और गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, पीलीभीत, बस्ती आदि जाने वाले वाहन सीधे रिंगरोड से रवाना होंगे।
शहर में रिंगरोड बनाने का प्रस्ताव सरकार ने पास कर दिया है। इसके लिए सर्वे समेत अन्य कार्य लोकनिर्माण विभाग ने शुरू कर दिया है। रिंगरोड बनने से शहरवासियों समेत पूरे जिले के लोगों को इसका फायदा होगा।
डॉ दिनेश चंद्र, डीएम