महसी तहसील के ग्राम पंचायत टिकुरी में सरयू का कहर लगातार जारी है। रविवार को टिकुरी के मजरा कोढवा निवासी नौरंगीलाल, शिवबालक, अमरेश, अखिलेश, मुन्नीदेवी, सुशील कुमार, रंगीले, धर्मेंद्र शुक्ला आदि की लगभग 20 बीघे धान व गन्ना लगी फसल खेत सहित नदी में समा गई। ग्रामीणों ने बताया कि बहुत तेजी से नदी कटान कर रही है, जिससे इसके मजरों समेत गांव के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी गांव छोड़ कर पलायन की तैयारी में हैं। बताते चलें कि नदी अब तक टिकुरी में 120 बीघे फसल लगी जमीन और 30 घरों को निगल चुकी है।
नदी के मुहाने पर एक दर्जन घर व सैकड़ों बीघा खेत
ग्रामीण रामजस, राजिंदर, दिलीप, रमेश, नरेश, मनोज, कल्लू, पिंटू, पवन आदि ने बताया कि लगातार जारी कटान से उनके घर नदी के मुहाने पर आ गए हैं। वहीं जल्द ही उनके घरों को भी नदी लील जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों बीघा खेत भी कटान के जद में हैं।
की जा रही हर संभव मदद
प्रतिदिन कटान पीड़ितों का डाटा फीड कर शासन को भेजा रहा है। पीड़ितों की हर संभव मदद की जा रही है। पूरा जिला प्रशासन ग्रामीणों के साथ है। -अखिलेश कुमार सिंह, एसडीएम महसी
टिकुरी गांव पहुंचे विधायक, पीड़ितों का बांटा दर्द
तहसील महसी के टिकुरी ग्राम पंचायत में बीते कई दिनों से सरयू कटान कर रही है। इससे ग्रामीण परेशान हैं और ग्रामीणों को मलाल था कि इस दुख की घड़ी में अधिकारी व जनप्रतिनिधि उनके गांव नहीं पहुंचे। कटान पीड़ितों के इस मलाल को अमर उजाला ने 31 जुलाई के अंक में ग्रामीणों में मलाल, हाल पूछने नहीं पहुंचे अधिकारी शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेकर रविवार को विधायक महसी सुरेश्वर सिंह टिकुरी पहुंचे।
विधायक सुरेश्वर सिंह ने कटान स्थल का निरीक्षण किया और कटान पीड़ितों से बातचीत की। उन्होंने कटान पीड़ितों से शासन-प्रशासन से मिलने वाली मदद का जायजा लिया। साथ ही उनके दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने व हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। बताते चलें कि खबर प्रकाशन के बाद एसडीएम व एडीएम भी मौके पर पहुंचे थे और बाढ़ पीड़ितों का हालचाल लिया था। विधायक के निरीक्षण के दौरान अखंड प्रताप सिंह, एसडीएम महसी अखिलेश कुमार सिंह, टिकुरी प्रधान संजय त्रिवेदी, धर्मेंद्र शुक्ला, रामकुमार बाजपेई आदि मौजूद रहे।
महसी के टिकुरी में कटान करती सरयू नदी।