बड़ौत। छपरौली में दक्षता परीक्षण केंद्र और कौशल विकास केंद्र शुरू होने से युवाओं का बड़ा फायदा होगा। इनका लाभ केवल बागपत ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों के युवा भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर ले सकते हैं। जहां दक्षता परीक्षण केंद्र में युवाओं को सेना, अर्द्धसैनिक बल व पुलिस की भर्ती के लिए तैयार करने के साथ ही उनकी दक्षता को देखा जाएगा। इसके अलावा युवाओं को डिजिटल की दुनिया से कौशल विकास केंद्र व कौशल रथ के माध्यम से डिजिटल दुनिया से भी रूबरू कराया जाएगा।
दक्षता परीक्षण केंद्र का युवाओं को इस तरह मिलेगा फायदा
छपरौली के श्री विद्या मंदिर कॉलेज में युवाओं के लिए देश के पहले दक्षता परीक्षण केंद्र का केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने बृहस्पतिवार को उद्घाटन कर दिया है। यहां पर युवाओं को शारीरिक रूप से दक्ष बनाने के लिए जिम, दौड़ने को ट्रैक, ऊंची कूद, रस्सी पर चढ़ने समेत अन्य सुविधाएं दी गई हैं। यहां पर सेना व पुलिस के सेवानिवृत अधिकारी युवाओं को नौकरियों के लिए अभ्यास कराएंगे। अभ्यास के दौरान कोई चोटिल हो जाए तो उसके लिए छोटा अस्पताल खोला गया है, जिसमें आर्थोपेडिक सर्जन, डायटीशियन, जिम ट्रेनर समेत अन्य विशेषज्ञ होंगे। इसके साथ ही स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर बनाया गया है। इसके लिए कौशल विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। यहां के लिए अभी तक 400 से अधिक पंजीकरण हो गए हैं।
युवाओं को कंप्यूटर में दक्ष बनाएगा कौशल विकास केंद्र
दक्षता परीक्षण केंद्र में जहां युवाओं को शारीरिक रूप से विभिन्न भर्तियों के लिए तैयार किया जाएगा। वहीं डिजिटल व कंप्यूटर के लिए प्रशिक्षण देने को चौधरी चरण सिंह राजकीय महाविद्यालय में एक कौशल विकास केंद्र शुरू किया गया है। इसमें 25 युवा एक साथ बैठकर प्रशिक्षण ले सकते हैं। जिसमें इंटरनेट, ऑनलाइन पेमेंट, ट्रेन, हवाई टिकट बुक करने, पाॅवर प्वाइंट, एमएस वर्ल्ड, एमएस ऑफिस, एक्सल आदि की जानकारी दी जाएगी। इस तरह युवाओं को आज की जरूरत को देखते हुए कंप्यूटर शिक्षा में दक्ष किया जाएगा।
देश में पहली बार बागपत में घूमेगा मोबाइल कौशल प्रशिक्षण रथ
कौशल विकास मंत्रालय ने देश में पहली बार एक नया प्रोजेक्ट कौशल मोबाइल कौशल प्रशिक्षण रथ शुरू किया है और इसकी शुरूआत भी बागपत से की गई है। इसमें दो बस शुरू की गई है जो गांव-गांव जाकर युवाओं को कंप्यूटर की जानकारी देगें। कौशल रथ में एक बार में 21 युवा कंप्यूटर का प्रशिक्षण ले सकेंगे। पूरे दिन में दो बैच संचालित किए जाएंगे। कंप्यूटर की बारीकियां सीखकर अपने कार्यों में मदद ले सकेंगे। यह एक साल तक जिले में रहेगी और यदि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं की संख्या बढ़ती है तो यह प्रोजेक्ट को बढ़ाकर चार साल तक किया जाएगा।