बागपत में यमुना में छोड़े गए पानी के बाद बढ़ जलस्तर।
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बागपत। हथिनीकुंड बैराज से यमुना में बुधवार को एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उधर, दो दिन पहले छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के कारण बुधवार को यमुना नदी फिर उफान पर आ गई और जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया।
पहाड़ों पर लगातार बारिश होने का असर यमुना में देखने को मिल रहा है। जो काफी दिन से ऊपर पर चल रही है और यमुना खादर में उगाई गई हजारों एकड़ भूमि में खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। जिसके चलते तीन दिन लगातार यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर ही रहा और किनारों पर कटान हो गया। तीन दिन से यमुना का जलस्तर कम होने पर खतरे के निशान से नीचे आ गई थी, लेकिन बुधवार की सुबह फिर खतरे के निशान से ऊपर चली गई।
बुधवार को यमुना का जलस्तर 209.10 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि दोपहर बाद जलस्तर घटकर खतरे के निशान से नीचे आ गया। उधर जलस्तर बढ़ने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। इस मामले में सिंचाई विभाग के एक्सईएन उत्कर्ष भारद्वाज का कहना है कि जिले में खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है, यमुना के जलस्तर पर बाढ़ चौकियों से नजर रखी जा रही है।