दोघट। आर्य समाज निरपुड़ा के तीन दिवसीय सामवेद पुर्वार्चिक महायज्ञ में ब्रह्मा स्वामी विश्वानंद सरस्वती ने बताया कि यज्ञ पांच प्रकार के होते हैं। उन्होंने अतिथि यज्ञ पर विस्तार से जानकारी दी। यज्ञ के परोहित ओमपाल शास्त्री ने बताया कि करोना जैसी महामारी बीमारी को अगर हमें दूर करना है तो प्रतिदिन अपने घर पर दैनिक विधि विधान से यज्ञ करना होगा। आयोजक एवं आर्य समाज के मंत्री हरपाल सिंह आर्य ने यज में आए लोगों का स्वागत करते हुए लोगों से अधिक से अधिक पहुंचने के लिए आह्वान किया। प्रोफेसर भोपाल सिंह, पूर्व प्रधान कृष्णपाल राणा, पंडित जितेंद्र दत्त शर्मा, सतपाल सिंह दरोगा,प्रधानाचार्य भूपत आर्य, ब्रजपाल आर्य, वेदभरत सिंग, नरेंद्र आर्य, पंडित बिल्लू शर्मा, बिजेंद्र राणा, प्रियव्रत राणा मौजूद रहे।