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श्रावण मास में करें शिव की पूजा, पूरी होती है हर मनोकामना

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बागपत। श्रावण मास की शिवरात्रि 26 जुलाई दिन मंगलवार को है। शाम को 6:48 बजे पर चतुर्दशी तिथि का प्रवेश होगा और 27 जुलाई को रात्रि 9:12 बजे तक रहेगी। शिवरात्रि में रात्रि का विशेष महत्व होता है। 26 जुलाई को पूरी रात्रि शिवरात्रि रहेगी। 26 जुलाई को ही शिवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि चतुर्दशी तिथि भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है। वैसे तो श्रावण मास का एक-एक दिन और एक-एक पल भगवान शंकर को समर्पित है, लेकिन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि अति प्रिय है। चतुर्दशी पर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने से मन इच्छित फल की प्राप्ति होती है। दूध से भगवान का अभिषेक करने से पुत्र की प्राप्ति होती है। मनोकामना सिद्धि के लिए भगवान का दूध से अभिषेक किया जाता है। दही से भगवान शंकर का अभिषेक करने से पशुओं से लाभ प्राप्त होता है और घर के पशुओं को रोग से मुक्ति मिलती है। घी से भगवान शिव का अभिषेक करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और पुराने से पुराने रोगों से मुक्ति मिलती है। जो लोग अस्थिर लक्ष्मी से परेशान है, उन्हें शहद से भगवान शंकर का अभिषेक करना चाहिए। शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। सुख, शांति और वैभव के लिए भगवान शिव का शुद्ध जल से अभिषेक करना चाहिए।
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