बिनौली। सिरसली गांव के प्रधान धर्मेंद्र तोमर उर्फ धर्मा की हत्या के बाद बिजरौल नहर की पटरी के मार्ग से भागे हत्यारोपी कहां भाग गए, इसके बारे में पुलिस चार दिन बाद भी पता नहीं लगा सकी। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें उत्तराखंड और हरिद्वार में डेरा डाले हुए है और उनके ठिकानों पर दबिश भी दी गई। इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए आरोपी 25 हजार के इनामी निर्भय सिंह को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। सिरसली गांव में बुधवार शाम को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए प्रधान धर्मेंद्र तोमर उर्फ धर्मा की हिस्ट्रीशीटर आयुष ने अपने साथी के साथ मिलकर पिस्टल से छह गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इसमें गोली लगने से सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे विनीत भी घायल हो गया था। इसमें मृतक प्रधान के भाई गजेंद्र ने हिस्ट्रीशीटर आयुष, उसके भाई अर्जुन, दादा निर्भय सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर आयुष, उसके भाई अर्जुन व दादा निर्भय सिंह पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान निर्भय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। हिस्ट्रीशीटर आयुष, उसके भाई अर्जुन और दोस्त नवनीत निवासी बिजनौर को नही पकड़ पाई। एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर समेत अन्य आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं।