बागपत। रमाला गन्ना मिल से हटाकर बागपत से जोड़े गए सात क्रय केंद्र पर कई दिन से तौल बंद पड़ी है। जिससे खेतों में पड़ा होने के साथ ही ट्रालियों व बुग्गियों में भरा हुआ गन्ना सूखने लगा है। किसानों को बताया जा रहा है कि तौल एक अप्रैल तक शुरू हो सकेगी। वहीं गन्ना अधिकारी बिना जांच के क्रय केंद्रों पर तौल होने का दावा कर रहे हैं।
सरूरपुर कलां प्रथम व द्वितीय, खेडक़ी, बिहारीपुर, फैजल्लापुर, सुल्तानपुर हटाना, खेड़ा इस्लामपुर गन्ना क्रय केंद्र वर्ष 2021-22 के सत्र में बागपत गन्ना मिल से जुड़े हुए थे। लेकिन रमाला मिल का दोहरीकरण कर दिया गया और उसकी पेराई क्षमता बढ़ने के बाद ये सभी सात क्रय केंद्र वर्ष 2022-23 के सत्र में रमाला शुगर मिल से जोड़ दिए गए। रमाला मिल के पूरी क्षमता से नहीं चलने के कारण गन्ना किसानों को परेशानी हो रही है। जिससे उनका गन्ना खेतों में खड़ा रह सकता था। इसको देखते हुए ही इन सात क्रय केंद्रों को दोबारा से तीन दिन पहले बागपत मिल से जोड़ दिया गया था।
बागपत शुगर मिल के प्रबंधक वीपी पांडेय ने दावा किया था कि सोमवार से बागपत मिल इन क्रय केंद्रों पर तौल शुरू करके गन्ना लेना शुरू कर देगा। लेकिन इन क्रय केंद्रों पर पिछले तीन दिन से तौल नहीं हो रही है। जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। क्योंकि गन्ना सूखने लगा है और अभी तौल शुरू होती नहीं दिख रही है।
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हमारे गांव का क्रय केंद्र तीन दिन पहले बागपत मिल से जोड़ दिया गया था जो पहले रमाला मिल से जुड़ा था। इसके बावजूद अभी तक तौल शुरू नहीं हो सकी है। जिससे बुग्गी में भरा हुआ गन्ना सूखने लगा है। किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। - सुभाष नैन, प्रगतिशील किसान
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गन्ना क्रय केंद्र को बागपत मिल से जोड़ दिया गया, लेकिन अभी तक तौल शुरू नहीं की गई। गन्ना डालने के लिए ट्राली में गन्ना भरा था जो ऐसे ही भरा हुआ है। कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है कि तौल कब शुरू होगी। - रोहित धनकड़, किसान
- रमाला मिल से पहले जोड़े गए सभी सात केंद्रों को वापस बागपत मिल से जोड़ने के बाद तौल शुरू करा दी गई है। अब किसान ऐसा बोल रहे हैं कि तौल नहीं हो रही है तो इसका पता कराया जाएगा। जहां तक उनकी जानकारी में है तो तौल हो रही है। - अनिल भारती, जिला गन्ना अधिकारी