बागपत। अतिशय क्षेत्र श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरूरपुर कलां में प्रथम तीर्थकर श्री आदिनाथ भगवान का जन्म महोत्सव मनाया गया। मंगलवार को कार्यक्रम में सर्वप्रथम श्रद्धालुओं ने श्री जी का अभिषेक किया एवं अनेक बीजाक्षरों वाली शांतिधारा की। जिसमें पूरे विश्व में फैले कोरोना वायरस जैसी महामारी को जल्द से जल्द दूर होने की मंगल कामना की गई। उसके पश्चात श्री आदिनाथ भगवान का विधान णमोकार पूजन एवं 48 दीपकों से महा अर्चना की गई। नमन जैन ने कहा कि आज जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव है। आदिनाथ भगवान की जन्मभूमि अयोध्या है और मोक्षस्थली कैलाश पर्वत। भगवान आदिनाथ का संदेश है कि ऋषि बनो या कृषि करो, आज पूरा विश्व उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर अपना जीवनयापन कर रहा है। जिस-जिस देश में लोगों ने अहिंसा को छोड़कर हिंसा क ी, आज वहां पर महामारी प्राकृतिक आपदा जैसे संकट आ रहे हैं। कोरोना वायरस भी इसी हिंसा का नतीजा है। हम सभी भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि विश्व में आए कोरोना वायरस के संकट को दूर करके अपनी कृपा दृष्टि करें। जैन धर्म के सिद्धांत प्रारंभ से ही अहिंसा के सिद्धांत रहे हैं। सभी को अहिंसा का पालन करते हुए अपने जीवन को जीना है और पूरे विश्व को अहिंसा का संदेश देना है। नमन, अतिशय, अरिहंत, लक्ष्य, आशी, वैशाली, गीता, मंजू ,लक्ष्मी, शालू ,कमलेश, संतोष, दीपांश, निर्मला सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।