बिनौली(बागपत)। पिचौकरा गांव में बुधवार को महामाई माता का देवस्थान क्षतिग्रस्त कर देने व शिव मंदिर के पास मृत संरक्षित पशु पड़े मिलने से हिंदू समाज के लोग आक्रोशित हो गए। सूचना पर थाना पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में कर लोगों से शांति व्यवस्था की अपील की।
पिचौकरा गांव के पश्चिमी छोर पर करीब 200 वर्ष पुराना महामाई माता का देवस्थान है। हिंदू समाज के लोग होली, दीपावली अन्य पर्व पर महामाई माता की पूजा अर्चना करते है। बुधवार को ग्रामीणों को माता का देव स्थान क्षतिग्रस्त मिला तो उन्होंने गांव के ही एक विशेष समुदाय के युवक पर ट्रैक्टर ट्राॅली से माता के देव स्थान को क्षतिग्रस्त कर खंडित करने का आरोप लगाकर रोष जताया।
सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर माता के देवस्थान को ठीक कराया। इसके बाद गांव में स्थित शिव मंदिर के बराबर में खाली पड़े प्लाॅट में एक संरक्षित मृत हालत में पड़ा मिला। इस पर भी ग्रामीण आक्रोशित हो गए सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर जांच की तो विशेष समुदाय के व्यक्ति ने बीमार संरक्षित पशु को बीमारी हालत में छोड़ दिया जिससे संरक्षित पशु की वहां मौत हो गई।
पुलिस ने मृत संरक्षित पशु को वहां से उठवाकर मिट्टी में दबवाकर स्थिति पर नियंत्रण कर ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। अमरवीर कश्यप, संजीव कुमार, विकास कुमार, जगशोरण, मनीष, निखिल, विकास, श्याम सिंह, अरविंद, शनि, विशाल, प्रिंस, काला आदि ग्रामीणों ने प्रशासन से माता के देवस्थान का पुनर्निर्माण कर सौंदर्यकरण कराने के लिए अनुमति प्रदान करने की मांग की है। सीओ हरिश भदौरिया ने बताया की ग्रामीणों की सहमति से माता के देवस्थान को ठीक करा दिया गया है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है।