फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दसवीं में उर्वशी बनीं टॉपर

विज्ञापन
बागपत के क्रिस्तु ज्योति कांवेंट सीनियर सैंकड्री स्कूल में रिजल्ट आने के बाद खुशी मनाते मेधावी ? - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
बागपत/बड़ौत। आईसीएसई बोर्ड के 10वीं कक्षा में क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बागपत की छात्रा उर्वशी जैन 99 प्रतिशत अंक के साथ टॉपर बनीं, जबकि इसी स्कूल के कार्तिक 98.2 प्रतिशत अंक के साथ दूसरे स्थान रहे। क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बड़ौत के अनुराग मलिक 97.8 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।
विज्ञापन

आईसीएसई बोर्ड का 10वीं का परीक्षा परिणाम रविवार शाम को घोषित किया गया। जिसके बाद विद्यार्थी खुशी मनाने के लिए क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बागपत व बड़ौत में पहुंच गए। यहां आईसीएसई से मान्यता प्राप्त केवल दो स्कूल हैं।
क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बागपत में 10वीं में 126 विद्यार्थी थे जो सभी उत्तीर्ण हो गए। क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बड़ौत में 151 विद्यार्थी थे और वह भी सभी उत्तीर्ण हो गए। इन दोनों ही स्कूलों में विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम आने पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई।
विज्ञापन

इस तरह रहा परीक्षा परिणाम
क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बागपत
छात्रा स्थान प्रतिशत
उर्वशी पहला 99
कार्तिक दूसरा 98.2
केशव शर्मा तीसरा 97.6
क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बड़ौत
अनुराग मलिक पहला 97.8
प्रबल कौशिक दूसरा 97.6
ओजस्वी तीसरा 97
---
इंजीनियरिंग करके सिविल सेवा में जाना लक्ष्य: उर्वशी
आईसीएसई की 10वीं में टॉपर रही खेकड़ा की रहने वाली उर्वशी ने बताया कि वह इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सेवा में जाना चाहती है और इस लक्ष्य को लेकर ही पढ़ाई कर रही है। उसके पिता नितिन जैन का सड़क दुर्घटना में निधन हो चुका है। माता शिक्षिका पूनम जैन ही उनको पढ़ा रही हैं। उर्वशी का भाई भी 10वीं में टॉपर रहा था। उर्वशी कहती हैं कि पढ़ाई ज्यादा समय की जगह ध्यान लगाकर करें तो सफलता जरूर मिलती है। दूसरे स्थान पर रहा कार्तिक अभी 12वीं भी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करने पर फोकस कर रहा है और उसके बाद सिविल सेवा में जाकर सेवा करना उसका लक्ष्य है।
--
अनुराग ने शिक्षकों व परिजन को दिया श्रेय
चांदनहेड़ी के रहने वाले छात्र अनुराग मलिक ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के साथ ही माता-पिता को दिया। अनुराग के पिता कंपोजिट विद्यालय हलालपुर में शिक्षक हैं और वह भी अनुराग को पढ़ाते हैं। अनुराग ने बताया कि वह मोबाइल व सोशल मीडिया से दूर रहकर ध्यान लगाकर पढ़ाई करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें