राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस :
- जिले में 987 महिलाओं को मिल रहा योजना का लाभ, 122 हाईरिस्क प्रसव के लिए चिह्नित
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सुरक्षित मातृत्व योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बावजूद जिले में एक महीने में दो से तीन गर्भवती महिलाओं की मौत हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक 27 गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान व प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत महिलाओं की निशुल्क जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। मार्च में जिले के अस्पतालों में 987 महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से 122 महिलाएं हाई रिस्क गर्भावस्था की मिलीं हैं। इस बार जिले में गर्भवती महिलाओं की मौत का आंकड़ा बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2021-22 में जिले में 11 गर्भवती महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि 2022-23 में 27 महिलाओं की मौत हुई है।
- ऐसे मिलता है योजना का लाभ
जिला कार्यक्रम समन्वयक अंकित उज्ज्वल ने बताया कि मातृ-शिशु सुरक्षा के लिए शासन से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का भी संचालन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत गभर्वती महिला के पंजीकरण कराने के 150 दिन के अंदर एक हजार रुपये, गर्भावस्था के 180 दिन में दो हजार रुपये और शिशु जन्म का पंजीकरण होने पर दो हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। अब तक पहला बच्चा होने पर ही योजना का लाभ मिलता था, मगर अब दूसरा बच्चा होने पर भी मिलेगा योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए जल्द ही शासनादेश जारी होने की संभावना है।
- वर्जन
- वर्ष 2021-22 में जिले में ब्लॉक स्तर से महिलाओं का आंकड़ा कम उपलब्ध कराया गया था, जबकि इस बार शासन स्तर से कार्यक्रम की निगरानी की जा रही है। जिले में एक साल में लगभग 30 महिलाओं की मौत हो रही है। - निलोफर, जिला कॉर्डिनेटर