- बालैनी में पंचायत के बाद बवाल के मामले में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे निरस्त होने पर किया सरेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बालैनी में 21 साल पहले हुए बवाल के मामले में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे निरस्त होने पर सपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे ओमकार यादव समेत दो आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया। जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
मेरठ जिले के डालूहेड़ा गांव में दो पक्षों में विवाद के बाद लोगों ने समझौता कर लिया था। लेकिन पुलिस ने समझौता करने वाले लोगों के घरों पर रात को जाकर उत्पात मचाया था। पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में 22 अगस्त 2001 को बालैनी के श्रीकृष्ण इंटर कालेज में महापंचायत हुई थी। पंचायत से सभी लोग बागपत-मेरठ हाईवे पर पहुंच गए थे और उसे जाम कर दिया था। जहां पुलिस व ग्रामीणों के बीच टकराव हो गया था। पथराव, फायरिंग व आगजनी में दानवीर यादव निवासी सिंघावली अहीर और राजू शर्मा निवासी बालैनी की मौत हो गई थी।
इस मामले में बालैनी थाने के तत्कालीन प्रभारी सतीश कुमार राय ने सपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे ओमकार यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक यादव, पूर्व प्रमुख महेंद्र सिंह, दानवीर, राजू शर्मा, धनपाल निवासी नंगला बहलोलपुर, हरवीर, मनोज यादव, नरेंद्र यादव, निवासीगण बालैनी, रामकिशन यादव निवासी सैड़भर, रामपाल यादव निवासी सिंघावली अहीर, अनिल कंसल निवासी कुराली जिला मेरठ के अलावा करीब 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
एसपीओ अवतार सिंह ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे लिया हुआ था। लेकिन गिरफ्तारी स्टे निरस्त होने पर सपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे ओमकार यादव व रामकिशन यादव ने सोमवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।