बागपत में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर खेड़की गांव में कैंटर की टक्कर से ई-रिक्शा में सवार इकलौते बेटे समेत दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, चार महिलाओं समेत पांच घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। हादसे के बाद चालक कैंटर छोड़कर भाग गया।
अलावलपुर गांव के रहने वाली ज्योति अपने इकलौते बेटे सात्विक (1), उसकी जेठानी सीमा देवी अपने बेटे एदविक (3), इनकी सास राजेश देवी, नंद पूजा बुधवार सुबह गांव के ही इंद्रपाल की ई-रिक्शा में बैठकर खेड़की गांव में माता की पूजा करने आई थी। बताया कि वहां से वापस लौटते समय वह दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पहुंचे तो पीछे से आये कैंटर ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ई रिक्शा हाईवे पर पलट गई और एदविक व सात्विक दूर जाकर गिरे, तभी कैंटर ने एदविक को कुचल दिया तो सात्विक का सिर सड़क में लगा। इससे दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक कैंटर छोड़कर भाग गया। राहगीरों व पुलिस ने घायल सीमा, राजेश, पूजा, ज्योति, इंद्रपाल को अस्पताल पहुंचाया।
पिता बोला, मैं सो रहा था, तभी पड़ोसी बिना बताये पोस्टमार्टम हाऊस ले आया
मैं तो बहालगढ़ की कंपनी में मंगलवार रात ड्यूटी करने के बाद बुधवार सुबह घर आकर सो गया था, तभी पड़ोसी आया और मुझे पोस्टमार्टम हाउस पर ले आया। यहां आकर मुझे पता चला कि मेरे इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद दूसरे बच्चे का पिता रोते बिलखते हुए कई घंटे बाद पोस्टमार्टम हाऊस पहुंचा।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर दो बच्चों की मौत होने से अलावलपुर गांव में शोक छा गया। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण पोस्टमार्टम हाऊस पर पहुंच गए। दोनों मृतक बच्चों के पिता सगे भाई हैं। बताया कि मृतक एदविक का पिता विकास गुरुग्राम में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है, जबकि दूसरे बच्चे सात्विक का पिता सन्नी बहालगढ़ की प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है।
बताया गया कि मंगलवार रात ड्यूटी करने के बाद सन्नी घर आकर सो गया था। सन्नी ने बताया कि सुबह करीब छह बजे परिवार की महिलाएं एक ई-रिक्शा में बैठकर माता पूजने के लिए आई थीं। इसके बाद वापस लौटते समय हादसा हो गया।
डीएम, एसडीएम पहुंचे जिला अस्पताल
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर हादसे में दो बच्चों की मौत होने के बाद घायलों का हाल जानने के लिए डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम अविनाश त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने घायलों से बातचीत कर हाल जाना और जिला अस्पताल के चिकित्सकों को सही उपचार करने के निर्देश दिए।
मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग उठाई
हादसे के बाद जिला अस्पताल पहुंचे डीएम को ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों की आर्थिक स्थिति की जानकारी दी। साथ ही मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।