संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गन्ना विभाग की ओर से किसानों की पेड़ी की पर्ची पौध में लगा दी हैं। इससे किसान गन्ने की छिलाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। साइट बंद होने के कारण किसानों का डाटा शो नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान पर्ची ठीक कराने के लिए गन्ना विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
चार नवंबर से बागपत और रमाला मिल का पेराई सत्र शुरू हो गया है। छह नवंबर से क्रय केंद्रों पर तौल भी शुरू हो गई है और नौ नवंबर से पूरी क्षमता से पेराई शुरू कराने की तैयारी कर रखी है। जिले में 12 मिलों के 315 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी किसानों की गन्ने की छिलाई प्रभावित हो रही है। किसानों की पेड़ी की पर्ची पौध में लगने के कारण गन्ने की छिलाई शुरू नहीं हो पाई है। किसान पर्ची ठीक कराने के लिए जिला गन्ना कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए विवश हैं। किसानों का कहना कि साइट बंद होने से डाटा शो नहीं हो रहा है।
एक लाख से अधिक किसान 12 मिलों पर डालते हैं गन्ना
गन्ना विभाग में जिले के एक लाख 27 हजार किसान पंजीकृत हैं और 84 हजार हेक्टेअर में गन्ने की खेती है। पिछले तीन साल में जिले में लगातार गन्ने के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी हो रही है। इस पेराई सत्र में बागपत में पेराई सत्र 2021-22 के मुकाबले गन्ने का साल हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल बढ़ गया है।
करोड़ों का बकाया दबाए बैठी हैं चीनी मिलें
चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों का बकाया है। बागपत के अतिरिक्त गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़ और मुजफ्फरनगर जिले की मिलों पर किसानों का लगभग पांच सौ करोड़ से अधिक का बकाया है। इसमें से लगभग तीन सौ करोड़ रुपये का बकाया मलकपुर मिल पर है। बकाया भुगतान न होने से किसान परेशान हैं।
पर्ची गलत जारी होने से प्रभावित हो रही गन्ने की छिलाई
-गन्ना विभाग की ओर से पेड़ी की पर्ची पौध में लगा दी हैं। जिससे गन्ने की छिलाई शुरू नहीं हो पाई है। पर्ची ठीक कराने के लिए गन्ना कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। - सुशील ढाका, ढिकौली
-पर्ची गलत जारी होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गन्ने की छिलाई शुरू न होने से पशुओं के चारे के लिए परेशानी हो रही है। इसके अतिरिक्त सभी किसानों की पर्ची जारी नहीं होने से किसान परेशान हैं। - इंद्रपाल, निनाना
-इस बार गन्ने का अनुपात 50-50 कर दिया है। इससे भी किसानों को परेशानी हो रही है। साइट बंद होने से किसानों का डाटा प्रदर्शित न होने सेा किसानों को गन्ना कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। -राजू तोमर सिरसली
-इस बार किसानों के केंद्रों में भी बदलाव हो गया है। किसानों की समय से पर्ची जारी नहीं होने के कारण दिक्कत हो रही है। किसानों की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। - ओमपाल ढिकौली
ठीक कराया जाएगा डाटा
साइट शुरू होने पर किसानों का डाटा ठीक कराया जाएगा। विभाग के कर्मचारियों को किसानों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ अनिल भारती, जिला गन्ना अधिकारी