रटौल । गर्मी में टमाटर और खीरे की फसल सूख रही है। किसान बार-बार खेतों की सिंचाई व स्प्रे करने में लगे हैं। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कस्बा रटौल के अलावा गौना, लहचौड़ा, ललियाना, सहबानपुर, सिंगोली, सरफाबाद गांव में 50 प्रतिशत किसान सब्जी की फसल पर निर्भर है। किसान वैज्ञानिक विधि से टमाटर, खीरा, लोकी, मिर्च, तोरई, करेला, ककड़ी, भिंडी की खेती कर रही हैं। गर्मी से एक ओर जहां जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं फसल भी प्रभावित हो रही है। तेज धूप और लू के कारण टमाटर और खीरे की फसल सूख रही है। किसान खेतों में नमी बनाने के लिए बार-बार सिंचाई करने के लिए विवश हो रहे हैं।
-मचान विधि से 8 बीघा टमाटर की बुआई की थी। तापमान अधिक होने के कारण टमाटर और खीरे की बेल सूख रही है। फसल खराब हाेने से नुकसान होने का डर सता रहा है। - नवल सिंह यादव, लहचौड़ा
-80 बीघा जमीन पर खीरा, टमाटर की फसल लगाई है। गर्म हवा के चलने से फल बनने से पहले ही गलने लगा है। कीटनाशक का स्प्रे करने के बाद भी फसल खराब हो रही है। -ओमदत्त यादव गौना
-उगाही पर जमीन लेकर खीरा, लौकी और ककड़ी की फसल लगा रखी है। बार-बार सिंचाई करने के बाद भी बेल सूख रही है। मंडी में खीरा व लौकी का भाव भी कम मिल रहा है। -तालिब रटौल