बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी/चांदीनगर। को तुम्ह स्यामल गौर सरीरा। छत्री रूप फिरहु बन बीरा। कठिन भूमि कोमल पद गामी। कवन हेतु बिचरहु बन स्वामी।
भावार्थ : हे वीर! सांवले और गोरे शरीर वाले आप कौन हैं, जो क्षत्रिय के रूप में वन में फिर रहे हैं। हे स्वामी! कठोर भूमि पर कोमल चरणों से चलने वाले आप किस कारण वन में विचर रहे हैं।
नगर में चल रही रामलीला में सोमवार को सीता हरण और हनुमान व सुग्रीव मिलन की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम पत्नी सीता के वियोग में वन-वन भटकते किष्किंधा पहुंचते हैं। वहां उनकी सुग्रीव से मित्रता होती है। रामलीला मंचन में दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
नगर के ठाकुरद्वारा में श्री रघुवर रामलीला समिति की ओर से चल रही रामलीला मंचन में रावण के कहने पर मारीच सोने का हिरण बनकर पंचवटी पहुंचता है। वहां सीता के कहने पर भगवान श्रीराम हिरण का शिकार करने के लिए जाते हैं। श्रीराम का बाण लगने के बाद मारीच राम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है। सीता के कहने पर लक्ष्मण कुटिया के चारों लक्ष्मण रेखा खींचकर कर वन में चले जाते हैं और रावण सीता का हरण करके लंका ले जाता है।
भगवान श्रीराम और लक्ष्मण माता सीता की तलाश में वन में भटकते हैं। भगवान शबरी की कुटिया में बेर खाते हैं और सीता की तलाश में किष्किंधा पहुंचते हैं। वहां हनुमान के माध्यम से उनकी सुग्रीव से मित्रता होती है। रामलीला में समिति के अध्यक्ष संजय रुहेला, ओमप्रकाश वर्मा, सुभाष लखेरा, संजय, सुजीत, आशु, सौरभ, सोनू, संदीप, दीपक, नीरज, सचिन, विशाल, लवी, विनोद, राजीव, महेश, बिजेंद्र, काकू, रोहित, रवि आदि मौजूद रहे।
वहीं, अग्रवाल मंडी टटीरी में श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से चल रही रामलीला में सोमवार को मेघनाद की शक्ति से लक्ष्मण के मूर्छित होने की लीला का मंचन हुआ। अध्यक्ष पंडित अंकुर शर्मा, पूर्व चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, संजीव शर्मा, यूनुस खान, संदीप पांचाल, नईम खान, अनिल कुमार, देवेंद्र कुमार, शेरखान, अरविंद शर्मा, साधुराम मित्तल, भानु पंडित आदि मौजूद रहे। रटौल के शिव मंदिर में चल रही रामलीला में सोमवार को अंगद-रावण संवाद के बाद हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाने की लीला हुई। रामलीला में देवेंद्र अरोरा, बंटी गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, लीलू आदि मौजूद रहे।