बागपत। जिले में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे पूरे नहीं हो रहे हैं। सीएचसी और जिला अस्पताल में थायराइड और विटामिन की जांच की सुविधा नहीं है।
अस्पताल में थायराइड और विटामिन की जांच कराने के लिए आने वाले मरीजों को वापस भेज दिया जाता है, जिससे मरीजों को या तो प्राइवेट लैब में जांच करानी पड़ती है या फिर दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। इसके अलावा जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की भी जांच सुविधा नहीं है। यहां केवल किट से प्रारंभिक जांच होती है। उसके बाद मरीजों को मेरठ या दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाता है।
खर्च करने पड़ते हैं 250 से एक हजार
मरीजों को प्राइवेट लैब में थायराइड की जांच कराने के लिए 250 रुपये, जबकि विटामिन डी और बी-12 की जांच कराने के लिए एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। जांच न होने के कारण लोगों को प्राइवेट लैब में अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है।
- जिला अस्पताल में थायराइड की सुविधा नहीं है। जिससे अब प्राइवेट लैब में जांच कराने के लिए जेब ढीली करानी पड़ेगी। - हनीफा, खेकड़ा
- जिला अस्पताल में विटामिन डी की जांच कराने आया था, मगर यहां विटामिन की जांच की सुविधा नहीं है। प्राइवेट लैब में जांच करानी पड़ेगी। - साहिब, तिलपनी
- जिला अस्पताल होने के बाद भी लोगों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल रही है। मरीजों को जांच कराने के लिए प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। - विकास जोगी, सिंघावली
- जिला अस्पताल में सभी जांच न होने के कारण लोगों को प्राइवेट लैब में जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। - राजकुमार, खेड़ा हटाना
कोट...
- जिला अस्पताल में थायराइड और विटामिन की जांच के लिए मशीन उपलब्ध नहीं है और हेपेटाइटिस की भी किट से प्रारंभिक जांच की ही सुविधा है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस