बागपत। दहेज में कार की मांग पूरी नहीं होने पर न्यायाधीश ने पति समेत तीन पर दोषसिद्ध कर दिया, जिसमें सजा पर सुनवाई के लिए 23 फरवरी तय की गई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा और वादी के अधिवक्ता रामावतार शर्मा ने बताया कि तीन अप्रैल 2016 में मुजफ्फरनगर जनपद के जौला गांव निवासी शहजाद ने बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने आरोप लगाया कि उसकी बहन सैययारा की शादी निवाड़ा गांव के मुजम्मिल के साथ हुई थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद दहेज में कार की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर तीन अप्रैल 2016 को उसकी बहन की फांसी लगाकर हत्या कर दी गई। जिसमें पुलिस ने मृतका के पति मुजम्मिल, सास परवीन, ससुर तौफीक, नन्द मुस्कुराना और देवर रिजवान के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पति मुजम्मिल, सास परवीन, ससुर तौफीक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव पांडेय ने मुजम्मिल, परवीन और तौफीक पर दोषसिद्ध कर दिया और सजा पर सुनवाई के लिए 23 फरवरी नियत की है।