बड़ौत। नए साल में शादी-विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए 57 शुभ मुहूर्त हैं। 15 जनवरी को खरमास के बाद एक बार फिर विवाह की शहनाइयां गूंजेंगी। इस साल सबसे अधिक मई में 15 मुहूर्त हैं।
शादी-विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का बहुत महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि अशुभ मुहूर्त में किए गए विवाह का असर जोड़े पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए शादी-विवाह के लिए लोग शुभ मुहूर्त का ही चुनाव करते हैं। वर्ष 2022 में चार नवंबर से देवउठनी एकादशी के बाद शादी विवाह व मांगलिक कार्य शुरू हुए थे। 15 दिसंबर से खरमास लगने के बाद शादी-विवाह के कार्य ठप हो गए।
अब 15 जनवरी को खरमास समाप्त हो रहा है। ऐसे में 15 जनवरी से शादी-विवाह के कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। इसके बाद शादी-विवाह व मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि जनवरी में नौ और फरवरी में 12 शुभ मुहूर्त है। मार्च में विवाह के चार शुभ मुहूर्त हैं। मई में 15 तिथियां हैं। जून में कुल नौ शुभ तिथियां हैं। जबकि जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर में शादी का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। नवंबर और दिसंबर में चार शुभ मुहूर्त हैं।
एक नजर विवाह की तिथियां
जनवरी 15, 16, 18, 19, 25, 26, 27, 30, 31
फरवरी 6, 7, 9, 10, 12, 13, 14, 16, 22, 23, 27, 28
मार्च 6, 9, 11, 13
मई 3, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 15, 16, 17, 20, 21, 22, 29, 30
जून 1, 3, 5, 6, 7, 11, 12, 23, 26
नवंबर 23, 27, 28, 29
दिसंबर 6, 7, 9, 15