बागपत। नैथला गांव के जंगल में स्थित केजीएफ ईंट भट्ठे पर धुआं बाहर निकलने वाले चैंबर में गिरने से रायबरेली के गुलरिया गांव के रहने वाले मजदूर श्रवण (28) की दम घुटने से मौत हो गई। इसका पता चलने पर साथी मजदूर ने चैंबर में कूदकर उसका शव बाहर निकाला। वहां पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
शुभम ने बताया कि गांव का ही श्रवण समेत अन्य साथी नैथला में केजीएफ भट्ठे पर ईंट पकाने का काम करते थे। रविवार की सुबह करीब पांच बजे श्रवण ईंट भट्ठे पर आग तेज होने पर धीमी करने के लिए चाबी लेकर गया था। जो भट्ठे के धुआं निकलने वाले चैंबर के ढक्कन के ऊपर खड़ा होकर चाबी घुमाकर आग धीमी करने लगा। तभी सीमेंट से बना ढक्कन टूट गया और श्रवण चैंबर के अंदर गिर गया। चैंबर में ऑक्सीजन नहीं होने के कारण दम घुटने से श्रवण की मौत हो गई। श्रवण के बाहर नहीं आने पर साथी वहां गए तो ढक्कन टूटा देखकर चैंबर में कूदकर किसी तरह श्रवण का शव बाहर निकाला गया। बताया कि चैंबर की दीवार गर्म होने के कारण श्रवण का शरीर भी कई जगह से झुलस गया। उधर एएसपी एनपी सिंह का कहना है कि दम घुटने से मजदूर की मौत बताई जा रही है। इसमें जिस तरह की तहरीर आएगी, उसके आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-
साथी को बचाने के लिए रंजीत ने अपनी जान जोखिम में डाली
शुभम ने बताया कि ईंट भट्ठे पर श्रवण के अलावा गांव के ही मजदूर पवन, धर्मराज, रंजीत, संजीव कुमार, अशोक समेत अन्य रहते है। श्रवण के चैंबर में गिरने का पता चलते ही उसकी जान बचाने के लिए साथी मजदूर रंजीत खुद ही 20 फीट गहरे चैंबर में कूद गया और श्रवण को बाहर निकालकर लाया, लेकिन श्रवण की जान नहीं बचा सका। चैंबर में गैस और धुंआ होने के कारण रंजीत का भी दम घुटने लगा था, लेकिन वह बच गया।
तीन साल पहले हुई थी शादी
शुभम ने बताया कि श्रवण अपने चार भाईयों में तीसरे नंबर का है। इसकी शादी तीन साल पहले खुशबू से हुई थी। उधर श्रवण की मौत का पता चलते ही परिवार वाले भी बागपत के लिए चल दिए।