बालैनी। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से मुकारी गांव मेें 300 बीघा फसल डूब गई। खेतों में जलभराव से फसल नष्ट होने के कगार पर है। पिछले साल भी किसानों की 400 बीघा फसल नष्ट हुई थी, जिसका अभी तक मुआवजा नहीं मिला। किसानों ने नष्ट फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
पिछले एक सप्ताह से हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के मुकारी गांव में नदी का पानी तीन सौ बीघा से अधिक खेतों में आ गया है। इससे गन्ना, धान, खीरा, लोकी, करेला, तोरी की फसल मेें पानी भर गया। सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान शशी, अनूप, गुलशन, अतर सिंह, जयप्रकाश, निरंजन, सोराज आदि ने बताया कि हिंडन नदी का पिछले दो साल से अधिक जलस्तर बढ़ने के कारण किसानों की फसल डूब जाती है। इससे उनको लाखों का नुकसान हो जाता है, लेकिन उन्हें फसल नष्ट का मुआवजा नहीं दिया जाता। उन्होंने डीएम से नष्ट फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की।
बालैनी पुल पर श्मशान घाट डूबा
हिंडन नदी के बढ़े जलस्तर से बालैनी हिंडन नदी पुल पर बने श्मशान घाट में पानी भर गया है। ऐसे में लोगों के सामने अंतिम संस्कार की परेशानी होगी।
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- हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से मेरे खेत में चार फीट तक पानी भर गया है। ऐसे में फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। प्रशासन को जल्द ही सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए। -कृष्णपाल शर्मा
- पिछले साल भी दस बीघा फसल डूब गई थी। इससे काफी नुकसान हुआ था। इस बार फसल डूबने से उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। प्रशासन भी किसानों की समस्या की तरफ ध्यान नहीं देता है। रवि
- इस बार सब्जी की फसल की बुवाई की थी, लेकिन खेतों में पानी भरने के बाद फसल खराब होने का खतरा बन गया है। फसल नष्ट होने से किसान कर्ज के बोझ के नीचे दब जाएंगे। निखिल
- पिछले तीन साल से हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जो किसानों के खेतों में भर जाता है। प्रशासन को पीड़ित किसानों को नष्ट फसल का मुआवजा देना चाहिए। -बलराज कश्यप
वर्जन
हिंडन व यमुना में कभी पानी बढ़ रहा है तो कभी कम हो जाता है। हिंडन में फिलहाल पानी बढ़ रहा है और लोगों को वहां ध्यान से जाने के लिए कहा गया है। जहां तक फसलों में नुकसान की बात है तो उसको दिखवाया जाएगा। -मुकेश देव, एक्सईएन सिंचाई विभाग