किसान ने विरोध किया परंतु मनमानी नहीं रुकी। किसानों का प्रतिनिधिमंडल एसई बागपत रणविजय सिंह, पूर्व एक्सईएन प्रथम गोपाल सिंह सहित ऊर्जा निगम के एमडी से मिले। हैरानी की बात यह है कि इस समस्या के निस्तारण को लेकर पांच बार पीड़ित किसान व किसान यूनियन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। विधायक छपरौली डॉ. अजय कुमार भी ऊर्जा निगम के अफसरों सहित मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं।
ये बोले किसान नेता
किसान नेता विक्रम सिंह आर्य का कहना है कि यह किसानों का शोषण है। यदि 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से विद्युत निगम 63 केवीए के ट्रांसफार्मर के बराबर लोड का बिल लगा सकता है तो फिर 63 केवीए के ट्रांसफार्मर खरीदकर निगम को हानि पहुंचाई जा रही है।
ये बोले रालोद नेता
रालोद नेता अश्वनी तोमर का कहना है कि सरकार किसान विरोधी काम कर रही है। जनपद में किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश के किसी भी जनपद में विद्युत दरें नहीं बढ़ाई गईं, मात्र जनपद में ही विद्युत दरें बढ़ाकर किसानों को ठगने का काम किया गया है। जिसके लिए पार्टी कार्यकर्ता किसान संगठनों के साथ जुड़कर संघर्ष कर रहे हैं।
ये बोले एसई
एसई रणविजय सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया था। जांच के लिए एक्सईएन प्रथम को निर्देशित किया है। उधर, एक्सईएन प्रथम दुर्गेश जायसवाल का कहना है कि हाल ही में उनकी नियुक्ति हुई है, जल्द ही जांचकर किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।