फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहस्रनाम विधान आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का महापर्व : अनुपम सागर

विज्ञापन
विज्ञापन
-बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में हुआ सहस्रनाम विधान
विज्ञापन

फोटो-दो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में शनिवार को सहस्रनाम विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर सुख शांति की कामना की।
पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री और ब्रह्मचारी रमेश चंद्र ने पूजन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीजी का कलश से अभिषेक किया। उन्होंने शांति धारा पूजन की क्रियाएं भी कीं। अनुपम सागर महाराज ने इस विधान को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बताया। उन्होंने इसे आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का महापर्व कहा। महाराज ने कहा कि भगवान की आराधना तभी सार्थक है। इसके लिए व्यक्ति को अपने जीवन में सदाचार, अहिंसा, सत्य और क्षमा जैसे गुणों को धारण करना चाहिए। उन्होंने बाहरी पूजा के साथ-साथ अंतर्मन की शुद्धि को भी आवश्यक बताया। महाराज ने क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों का त्याग करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इससे ही सच्चे धर्म का पालन किया जा सकता है। इस माैके पर रवींद्र जैन, सुनीता जैन, सविता जैन, लता जैन, नमन जैन माैजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें