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पंचायतों से कैमरे मंगवाकर नहीं लौटाए, प्रधान काट रहे चक्कर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। ग्राम पंचायतों से कांवड़ यात्रा के दौरान सीसीटीवी मंगवाने के बाद लौटाए नहीं जा रहे हैं। उन कैमरों को मंगवाने के लिए प्रधानों को कोई लिखित पत्र भी जारी नहीं किया गया था। कैमरों को वापस लेने के लिए प्रधान लगातार डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद कैमरे नहीं लौटाए जा रहे हैं। इससे प्रधानों को डर सता रहा है कि यदि कैमरे गायब हो गए हैं तो वे फंस जाएंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान रास्तों में जगह-जगह सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगवाए गए थे। इनके लिए बजट नहीं होने के कारण गांवों में पहले से छह-छह हजार रुपये में खरीदे गए सीसीटीवी ही ग्राम सचिवों के माध्यम से मंगवा लिए गए। 100 से ज्यादा गांवों से कैमरे मंगवाए गए थे। इन्हें कांवड़ यात्रा के बाद लौटाने के लिए कहा था। अभी तक उन्हें लौटाया नहीं गया है। प्रधान लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनको सही जवाब नहीं दिया जा रहा है। इससे प्रधानों में रोष पनप रहा है।
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सुनवाई नहीं कर रहे अफसर
गांव में दो सीसीटीवी करीब 12 हजार रुपये से खरीदे थे। उनको कांवड़ यात्रा के दौरान मंगाया गया था। अभी तक कैमरे नहीं मिले हैं और अधिकारियों से कई बार मुलाकात करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका।-दीपक चौधरी, प्रधान मवीकलां
अधिकारी सहीं जवाब नहीं दे रहे
मेरे गांव में छह हजार रुपये का सीसीटीवी आया था। उसे कांवड़ यात्रा के दौरान मंगवाया गया था। उसके लिए लिखित में कोई कागज भी नहीं दिया गया है। अब कैमरा वापस नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी कैमरे को लेकर कोई सही जवाब ही नहीं देते हैं।-सचिन, प्रधान सुल्तानपुर हटाना
जल्द मिलने चाहिए कैमरे
पंचायत के बजट से खरीदा गया सीसीटीवी कांवड़ यात्रा के दौरान मंगवा लिया था। अभी तक कैमरा नहीं दिया गया है तो उसको लेकर कोई लिखित कागज भी नहीं दिया जा रहा है। कैमरे जल्द वापस मिलने चाहिए। सोनिया शर्मा, प्रधान ग्वालीखेड़ा
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पुलिस नहीं लौटा रही कैमरे
हमारे यहां से कैमरे एकत्र करके पुलिस को दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों को कहा गया है, लेकिन कुछ कैमरे ही लौटाए गए हैं। अब उनसे बात की जाएगी और जितने कैमरे बचे हुए हैं, उनको वापस लेकर पंचायतों में पहुंचाया जाएगा।-अमित त्यागी, डीपीआरओ
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