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Baghpat News: तमंचे से किसने चलाई गोली, पुलिस नहीं बता सकी, सिपाही का हत्यारोपी दोषमुक्त

Wed, 03 May 2023 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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बागपत। बड़ौत की औद्योगिक पुलिस चौकी पर दस साल पहले सिपाही की हत्या के मामले में पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि तमंचा आरोपी से बरामद हुआ और उस तमंचे से गोली चलाई गई। इसलिए संदेह का लाभ देते हुए सिपाही की हत्या के आरोपी को दोषमुक्त किया गया।
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बड़ौत थाने में एचसीपी बाजीलाल भास्कर ने 21 जुलाई 2013 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि वह बड़ौत क्षेत्र में सरकारी जीप से अन्य पुलिस कर्मियों के साथ गश्त कर रहे थे। उनको फैंटम पर तैनात पुलिस कर्मियों ने बताया कि औद्योगिक पुलिस चौकी पर सिपाही विक्रम भाटी घायल हालत में पड़ा है। वह तुरंत वहां पहुंचे और घायल सिपाही को पास ही निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां सिपाही को मृत घोषित कर दिया गया। सिपाही की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस को चौकी पर एक पर्ची पड़ी मिली थी, जिसमें शामली जिले के झिंझाना थानांतर्गत हरसाना गांव के एक व्यक्ति का नाम व फोन नंबर लिखा था। जिससे शक जताया गया कि उसने ही हत्या की थी और पुलिस इसकी जांच कर रही थी। तभी 26 जुलाई को थाना प्रभारी विनोद कुमार शर्मा ने अन्य पुलिस कर्मियों के साथ जोनमाना रोड पर पुलिया के पास से एक व्यक्ति को पकड़ लिया। उसने अपना नाम विनोद निवासी हरसाना जिला शामली बताया था।
पुलिस ने दावा किया था कि उसने ही सिपाही विक्रम की गोली मारकर हत्या की है और उसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया। पुलिस का दावा था कि उसकी गांव में उस व्यक्ति से रंजिश चल रही है, जिसके नाम की पर्ची चौकी में फेंकी गई थी। उसने रंजिश में विपक्षी को फंसाने के लिए सिपाही की हत्या कर दी। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था और उसके बाद से यह मामला न्यायालय में चल रहा था। जिसमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति सिंह ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी विनोद को दोषमुक्त कर दिया।
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पुलिस कुछ साबित नहीं कर सकी
साक्ष्य व विवेचना में पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि जिस तमंचे को पुलिस ने बरामद दिखाया है, वह विनोद से बरामद हुआ है। पुलिस यह भी साबित नहीं कर सकी कि उस तमंचे को विनोद ने इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही यह भी साबित नहीं हुआ कि उस तमंचे का सिपाही विक्रम की हत्या में इस्तेमाल हुआ है।
पुलिस की विवेचना गंभीरता से नहीं की गई और उसमें काफी खामियां रही। पुलिस इस मामले में न्यायालय के दृष्टिकोण से अकाट्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। पीड़ित पक्ष इस मामले में उच्च न्यायालय में अपील दायर कर सकता है। - सोमेंद्र ढ़ाका, वरिष्ठ अधिवक्ता
यह मामला मेरी जानकारी में अब आया है। इसमें अपील कराई जाएगी और पुलिस इसमें पैरवी करेगी। इसमें किस जगह क्या कमी रही, उसको भी देखा जाएगा। - अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
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