बड़ौत। नगर पालिका शहर को शीघ्र ही बंदरों से मुक्ति दिलाएगी। नगर पालिका बोर्ड बैठक में सभासदों ने बंदरों के उत्पात से परेशान लोगों का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। नगर पालिका ने इसके लिए मथुरा की टीम से बात की है।
बंदरों ने शहर में उत्पात मचा रखा है। बच्चों और महिलाओं का तो घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि अपने घर की छत पर भी लोग जाने से डर रहे हैं। पिछले सप्ताह गांधी रोड पर मकान की छत पर कपड़े सुखाने के लिए गई एक महिला पर बंदरों ने हमला कर दिया। बचकर भागने के प्रयास में महिला का सिर दीवार से टकरा गया और वह घायल हो गई।
सब्जी मंडी से सब्जी लेकर आ रही एक महिला पर बंदरों ने पत्थर मंडी पर ऐसा झपट्टा मारा कि उसका हाथ घायल कर दिया। लोगों ने मुश्किल से महिला को बचाया। बिनौली रोड पर घर के बाहर खेल रहे बच्चे पर बंदरों ने हमला कर घायल कर दिया। एक ही सप्ताह में कई मामले बंदरों के हमले में घायलों के आ गए। लोगों ने अपने वार्ड सभासदों से बंदरों को पकड़वाए जाने का मुद्दा बोर्ड बैठक में उठाने की मांग की।
- सात साल से नहीं पकड़े गए बंदर
सभासद प्रमोद शर्मा ने बताया कि सात साल से शहर में कोई बंदर नहीं पकड़ा गया है। इसके चलते शहरी आबादी के अंदर बंदरों की संख्या अच्छी खासी हो चुकी है। लोगों पर हमले भी बंदर कर रहे हैं। बंदराें की संख्या में इजाफा होने तथा लोगों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए नगर परिषद ने फिलहाल 900 बंदर पकड़ने का टेंडर जारी किया है।
वर्जन- बंदरों के काटने व हमला करने की लगातार बढ़ रही शिकायतों के बाद सभासदों ने सर्वसम्मति से बोर्ड की बैठक में बंदरों को पकड़वाए जाने पर सहमति जताई है। फिलहाल नगर में 900 बंदरों को पकड़ा जाएगा। जिसके लिए तकरीबन साढ़े चार लाख रुपये का खर्च आएगा। - मनोज रस्तोगी, ईओ नगरपालिका बड़ौत