फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

104 सड़कों की हालत खराब, 120 से अधिक गांव के लोग परेशान

विज्ञापन
जर्जर हालत में रटौल-घिटौरा मार्ग - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
104 सड़कों की डगर पथरीली, चलना भी मुश्किल
विज्ञापन

बागपत। जिले में 104 सड़कों की हालत खराब हो चुकी है। जिससे 120 से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और उनको जर्जर सड़कों पर चलना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी ने 89 मार्गों की विशेष मरम्मत और 15 मार्गों के पुनर्निर्माण के लिए 40.5 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की है।
जिले में ग्रामीण इलाकों को नेशनल और स्टेट हाईवे से जोड़ने के लिए 200 से अधिक सड़कें हैं। जिनके निर्माण से लेकर मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। इन मार्गों से जिले के 244 गांवों में रहने वाले लोग आवागमन करते हैं। बरसात के बाद जिले की सड़कें काफी जर्जर हालत में पहुंच गई हैं। उनमें गड्ढे होने के कारण आवागमन करना ग्रामीणों के लिए दूभर हो गया है। जर्जर मार्गों से सफर के कारण आए दिन हादसे बढ़ रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए ही मार्गों की हालत सुधारने व उनको दोबारा बनवाने की मांग ग्रामीण कर रहे हैं।
विज्ञापन

इन मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण की तैयारी
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जिले के 15 मार्गों का पुनर्निर्माण की कार्य योजना तैयार की है। जिसमें बागपत-मुरादनगर मार्ग से कासमाबाद दुड़भा, बड़ौत-अमीनगर सराय मार्ग पर बरसिया से मतानतनगर मार्ग, हरियाखेड़ा से नवादा मार्ग, सिंघावली अहीर गेट से सिंघावली अहीर गांव तक, काठा-खेकड़ा मार्ग से बंदपुर तक, खेकड़ा ब्लाक से गोठरा होते हुए नेशनल हाईवे तक, मंसूरपुर से चांदीनगर एयरफोर्स स्टेशन तक, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे से सुभानपुर तक, यमुना पुस्ता से सुभानपुर मार्ग, बड़ागांव से फखरपुर मार्ग, रटौल-घिटौरा मार्ग, मेरठ-बागपत हाइवे से जवाहरपुर मेवला, निवाड़ा में बाग से नौरोजपुर गुर्जर मार्ग, बिजरौल से वाजिदपुर नाला की पटरी मार्ग, बरनावा दाहा मार्ग से मुलसम गांव तक की कार्य योजना बनाई गई है।
अन्य मार्ग से जाना पड़ रहा
खेकड़ा से बंदपुर मार्ग पिछले कई महीने से जर्जर हालत में है। जिससे कई लोग हादसे में घायल हो गए। मार्ग का निर्माण नहीं होने के कारण बंदपुर जाना बंद करना पड़ा और अन्य मार्ग से जाना शुरू किया। - तरुण गुप्ता
रोजाना आवागमन करने वाले हजारों लोग परेशान
रटौल-घिटौरा मार्ग कई वर्षो से जर्जर हालत में है। इस मार्ग से रोजाना 10-12 गांवों के ग्रामीण आवागमन करते हैं। कई बार मार्ग का निर्माण कराने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं हुआ। जिससे लोग परेशान हैं। - सतीश पत्रावल
टूटी सड़क बनी परेशानी का सबब
- क्षेत्र की कई सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गई हैं। जिससे बागपत, गाजियाबाद और दिल्ली आवागमन करना परेशानी का सबब बन गया है। जल्द से जल्द सभी सडक़ों की मरम्मत और निर्माण कराकर ग्रामीणों को राहत दी जाए। - रहीसुद्दीन
- कई साल से बदहाल है चांदीनगर मार्ग
खासपुर मंसूरपुर से चांदीनगर एयरफोर्स स्टेशन तक जाने वाला मार्ग पिछले कई सालों से जर्जर हाल में है। हालांकि इस मार्ग की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन बाद में फिर जर्जर हो गया। मार्ग जर्जर होने के कारण चमरावल, खैला, लहचौड़ा, चांदीनगर समेत कई गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - केशव त्यागी प्रधान चमरावल
विज्ञापन

89 मार्गों की विशेष मरम्मत व 15 मार्गों के पुनर्निर्माण की कार्य योजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। बजट आवंटित होने के बाद विशेष मरम्मत व पुनर्निर्माण कराया जाएगा। - अतुल कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।

र्जर हालत में कंडेरा-गुगाखेड़ी मार्ग- फोटो : BAGHPAT

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें