दोघट (बागपत)। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई जमीन पर गांगनौली व टीकरी में कब्जा लेने पहुंची टीम का किसानों ने विरोध कर दिया। पुलिस ने लाठियां फटकारकर कुछ किसानों को भगा दिया, जबकि सात किसानों को हिरासत में लिया गया। इससे आक्रोशित किसानों की पुलिस से हाथापाई हुई और मशीन में तोड़फोड़ कर काम रुकवा दिया। किसानों को पकड़ने के विरोध में धरना शुरू कर दिया गया।
इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई जमीन की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किसान करीब डेढ़ महीने से सूजती-टीकरी चौराहे पर धरने पर बैठे हुए थे। वे अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा बढ़ाए जाने, फसल का मुआवजा देने, जमीनों पर कब्जा किसी अन्य का व मुआवजा अन्य को मिलने समेत अन्य समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। जिससे गांगनौली व टीकरी की जमीन पर कब्जा अटका हुआ था। उस जमीन पर कब्जा लेने के लिए प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ गांगनौली गांव में पहुंची और वहां जेसीबी से फसल को नष्ट कराकर कब्जा लेने लगी।
इसका पता चलने पर धरने पर बैठे किसान वहां पहुंच गए। आरोप है कि पुलिस ने लाठियां फटकारकर वहां से किसानों को भगाने का प्रयास किया और सात किसानों को हिरासत में लेकर दोघट थाने पर भेज दिया। जिस पर गांगनौली, टीकरी, सूजती के किसान मौके पर पहुंच गए और वहां हंगामा करते हुए कब्जा कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। वहां किसानों की पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई और जेसीबी की चाबी निकालकर कब्जा कार्रवाई बंद करा दी गई। पुलिस ने दोबारा से लाठियां फटकार कर किसानों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन किसान वहां से नहीं हटे। वहां काफी देर पुलिस के साथ किसानों की खींचतान होती रही और कब्जा कार्रवाई बंद कराकर किसान वहां धरने पर बैठ गए।
वहां एडीएम प्रतिपाल चौहान, सीओ युवराज सिंह भी पहुंचे और किसानों से बातचीत करने का प्रस्ताव रखा। इस पर किसानों ने कहा कि जब तक हिरासत में लिए गए सात किसानों को नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक किसी तरह की बातचीत नहीं होगी। पुलिस देर शाम तक किसानों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन किसान वापस टीकरी-सूजती चौराहे पर आकर धरने पर बैठ गए।
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किसानों को हिरासत में लेने पर थाने पर पहुंचकर हंगामा किया
पुलिस ने जब सात किसानों नरेंद्र, राजेंद्र आदि को पकड़ा तो कुछ किसान खेतों में पहुंचे और कुछ दोघट थाने पर पहुंच गए। किसानों ने थाने पर पहुंचकर हंगामा किया। किसानों ने कहा कि किसान नहीं छोड़े जाते हैं तो वह थाने पर भी धरना शुरू कर देंगे। थाने पर भी पुलिस के साथ किसानों की नोकझोंक होती रही।
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रालोद व भाकियू नेता भी पहुंचे, चाबी वापस सौंपी
जमीन पर कब्जे को लेकर हुई घटना के बाद रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी, जयवीर एडवोकेट, विकास बाछोड़, बसंत तोमर, भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी भी पहुंचे। जहां एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम बागपत से मिलने का निर्णय लिया। वीरपाल राठी ने एसडीएम बड़ौत सुभाष सिंह को किसानों द्वारा निकाली गई जेसीबी मशीनों की चाबी सौंपी। इसके साथ ही तय हुआ कि जब तक किसानों को नहीं छोड़ा जाएगा और किसान जब तक कोई निर्णय नहीं लेते है, तब तक पुलिस व प्रशासन कार्रवाई न करे।
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किसान नहीं चाहते टकराव, जल्द निकालेंगे समाधान
भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि इस मामले में जल्द ही प्रशासन के साथ बैठक करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान नहीं चाहते कि प्रशासन व किसानों के बीच टकराव हो। इसलिए ही ऐसा कोई रास्ता निकाला जाएगा, जिससे किसानों की सभी समस्याओं का समाधान हो जाए। वहीं रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि प्रशासन इस तरह से दबाव बना रहा है और किसानों की जमीन जबरन कब्जाने का प्रयास न करे।
गांगनौली में गांव में पुलिस से उलझते किसान व भाकियू कार्यकर्ता- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में पहुंचे अधिकारियों को घेराव करते किसान- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में पुलिस से उलझते किसान- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में लाठी डंडे लेकर पुलिस के सामने हंगामा करते किसान व भाकियू कार्यकर्ता- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में क्षतिग्रस्त हुई जेसीबी मशीन- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली में दरोगा से लाठी छीनता किसान- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में दरोगा के साथ हाथापाई करता किसान- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली में पुलिसकर्मियों को रोकता भाकियू कार्यकर्ता- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में हंगामा कर रहे किसानों को रोकते पुलिसकर्मी- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में अधिकारियों को खरीखोटी सुनाते किसान- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में हंगामा कर रहे किसानों को रोकते पुलिसकर्मी- फोटो : BAGHPAT
गांगनौली गांव में नारेबाजी करते किसान- फोटो : BAGHPAT