बागपत। सिसाना गांव के जंगल में 16 दिन पहले आंधी में गिरे बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर को ठीक कराना अफसर भूल गए। जिससे जंगल की करीब 300 बीघा फसल की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। उधर किसानों का आरोप है कि ऊर्जा निगम के कार्यालयों में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खंभे ठीक नहीं कराए गए।
किसान दयानंद, कालू, हुकम सिंह, फलूरी समेत अन्य किसानों ने बताया कि 14 मई को तेज आंधी आने के कारण जंगल में खड़े बिजली के खंभों का जोड़ा गिर गया था। उन पर रखा ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया और बिजली लाइन भी टूटकर गिर गई थी। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर से जुड़े दस नलकूपों जंगल में 300 बीघा से अधिक खेती की सिंचाई की जाती है। उन्होंने बताया कि खंभे गिरने के बाद से नलकूपों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई और 200 बीघा से अधिक बीघा खेतों में खड़ी धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही। उन्होंने कहा कि सिंचाई नहीं होने के कारण धान की फसल सूखने का खतरा बढ़ गया है।
ये बोले ग्रामीण
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
कई बार अधिशासी अभियंता कार्यालय पर खंभे ठीक कराने के लिए जा चुका हूं, लेकिन अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे। एक बार भी ऊर्जा निगम की टीम ने जंगल में जाकर नहीं देखा। जितेंद्र चौहान
जल्द शुरू नहीं हुई सप्लाई तो सूख जाएगी फसल
ज्यादातर खेतों में सब्जियां और धान की फसल लगाई जा चुकी है। जिसमें सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है, लेकिन बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण समय पर सिंचाई नहीं होने से फसल सूख जाएगी। राकेश कुमार
जल्द ठीक हों खंभे और ट्रांसफार्मर
नलकूपों पर बिजली आपूर्ति चालू कराने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगाए जा रहे हैं। ट्रांसफार्मर ठीक नहीं होने के कारण किसान फसल की बुआई भी नहीं कर पा रहे है। समस्या को देखते हुए खंभे और ट्रांसफार्मर जल्द ठीक कराया जाए। कृष्णपाल
वर्जन-आंधी में कुछ जगहों पर फाल्ट हो गया था, जिन्हें ठीक कराया जा रहा है। सिसाना गांव के जंगल में टीम को भेजकर जल्द खंभे और ट्रांसफार्मर ठीक करा दिया जाएगा। अमर सिंह, अधिशासी अभियंता।