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संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा की तपोभूमि श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को भगवान चंद्र प्रभु का महामस्तिकाभिषेक कर सुख स्मृद्धि की कामना की गई।
पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि नए साल पर सनातन परंपरा में सूर्य उदय के सभी शुभ कार्य प्रारंभ होते हैं। जहां नव देवताओं की आराधना की जाती है, उसे नववर्ष कहते हैं। जैन समाज के लोगों ने मधुर संगीत और भगवान की भक्ति में लीन होकर विनय पाठ, देव शास्त्र, गुरु पूजा के साथ 72 अर्घ्य समर्पित किए। भगवान का प्रथम अभिषेक सुमत प्रसाद जैन, सतीश जैन ने किया। शांतिधारा प्रवेश जैन, तुषार जैन, शिप्रा जैन, वरुण जैन, श्रीपाल जैन, संजय जैन ने की। वीरेश जैन, हिमांशु जैन, अक्षय जैन ने भगवान का मार्जन किया। प्रथम आरती नवीन प्रकश जैन, चंद्रभान जैन ने की। विधान में महामंत्री पंकज जैन, रजनीश जैन, पवन जैन, संदीप जैन, बॉबी, अशोक जैन, अलोक जैन, अनिल जैन, अमित जैन मौजूद रहे।