बागपत। जिला अस्पताल में दो घंटे तक घायल दादा-पोता दर्द से तड़पते रहे। वहां चिकित्सकों ने उपचार के नाम पर खानापूर्ति करके उनको रेफर कर दिया, मगर वहां घंटों तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। अस्पताल में एंबुलेंस नहीं आने से परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजन प्राइवेट एंबुलेंस को बुलाकर घायलों को दिल्ली उपचार कराने के लिए लेकर गए।
बंदपुर गांव निवासी सूर्यांश बुधवार की सुबह अपने दादा सुखबीर को बागपत में चिकित्सक के यहां उपचार के लिए लेकर आ रहा था। जब वह काठा गांव के पास पहुंचा तो कार ने टक्कार मार दी। टक्कर लगने से दादा-पोता गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उठाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ठीक से उपचार तक नहीं किया और दोनों को रेफर कर दिया।
दो घंटें तक एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन करते, लेकिन फोन नहीं मिला। यदि एक या दो बार फोन मिला तो किसी ने उठाया तक नहीं है। घायल अस्पताल में दो घंटे तक गंभीर हालत में तड़पते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने भी कोई मदद तक नहीं की। जब वहां दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और अस्पताल डॉक्टरों व एंबुलेंस प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। बाद में परिजनों ने प्राइवेट एंबुलेंस को बुलाकर घायलों को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए।
वर्जन
- जिला अस्पताल में आए घायलों का उपचार सही से न करने व एंबुलेंस नहीं आने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। डाॅ. एसके चौधरी, सीएमएस जिला अस्पताल