बागपत। सिंघावली अहीर थानाक्षेत्र के गांव की किशोरी को बीस सप्ताह की गर्भवती होने के कारण गर्भपात कराने की अनुमति देने की याचिका को हाईकोर्ट ने नामंजूर कर दिया। इससे पहले भी 24 सप्ताह की गर्भवती किशोरी को गर्भपात की अनुमति नहीं दी गई थी।
सिंघावली अहीर के एक गांव की किशोरी को घर में अकेली देखकर पड़ोस में रहने वाले युवक ने चाकू के बल पर कई बार दुष्कर्म किया था। जब वह करीब दस सप्ताह की गर्भवती हो गई थी। इसका खुलासा होने पर गांव में पंचायत करके उन पर पांच हजार रुपये लेकर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। मगर परिजन थाने में पहुंचे और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इसमें किशोरी के परिजनों ने गर्भपात कराने की अनुमति लेने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मगर अब गर्भ करीब 20 सप्ताह का होने के कारण हाईकोर्ट ने गर्भपात कराने की अनुमति देने की याचिका को नामंजूर कर दिया। एसपी अर्पित विजयवर्गीय का कहना है कि हाईकोर्ट ने किशोरी की गर्भपात कराने की याचिका को नामंजूर कर दिया है।
एक किशोरी की याचिका पहले हो चुकी नामंजूर
शामली के एक गांव की किशोरी सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने मामा के यहां आई हुई थी। किशोरी के साथ एक युवक ने शारीरिक संबंध बनाए थे। करीब छह महीने पहले वह किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर चला गया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था। वह मेडिकल जांच में गर्भवती मिली थी। पुलिस ने आरोपी युवक को जेल भेज दिया था। इसमें भी किशोरी ने गर्भपात कराने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मांगी थी, मगर उसकी याचिका को नामंजूर कर दिया गया था।