बड़ौत। वतन की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति तक देने वाले अमर शहीदों के गांव के रूप में बड़ौत ब्लॉक मुख्यालय से लगभग पांच किमी की दूरी पर स्थित बावली गांव की पहचान है। गांव में एक राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, तीन प्राइमरी विद्यालय है। गांव में नाली और खड़ंजे टूटे पड़े हैं। तालाब गंदगी से अटे पड़े हैं। करीब 11000 सौ की आबादी वाले गांव में समस्याएं कई समस्याएं हैं। इस बार ग्राम प्रधान बने गौरव तोमर का कहना कि ग्रामीणों ने विश्वास जताकर समस्याओं का निस्तारण कराने को ग्राम प्रधान बनाया है। इन समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। सबसे पहले गांव में जलभराव से निजात दिलाने के लिए जलनिकासी, युवाओं के लिए खेल मैदान के अलावा गांव के मुख्य रास्तों को दुरुस्त कराना है। अन्य समस्याओं के निस्तारण की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है।
प्रधान का प्रोफाइल
नाम - गौरव तोमर
उम्र - 31 वर्ष
शिक्षा - स्नातक
कार्यक्षेत्र - समाजसेवा
राजनीतिक इतिहास - पहली बार चुनाव लड़ा और जीते, इससे पहले गौरव बीडीसी सदस्य भी रह चुके हैं।
गांव की आबादी- 11000
कुल मतदाता- 8300
कुल वोट पड़े - 5300
मिले वोट -1017
ये हैं गांव की समस्याएं
गांव में तालाब गंदगी से अटे हैं।
अधिकांश नालियां टूटी हुई हैं।
अधिकांश खड़ंजे जर्जर हालत में हैं।
बिजली व्यवस्था सुचारु नहीं हैं।
बेसहारा पशुओं से ग्रामीण परेशान हैं।
श्मशान घाट की हालत भी खराब है।
गांव में राशन वितरण सहीं नहीं है।
ये हैं प्राथमिकताएं
जरूरतमंदों को पेंशन दिलाना।
राशन का सही वितरण।
स्ट्रीट लाइट लगवाना।
शौचालयों का निर्माण।
पंचायत घर और शमशान घाट का सुंदरीकरण।
बेसहारा पशुओं से ग्रामीणों को निजात दिलाना।
गांव में हरियाली के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण कराना।
गांव के बेटियों के लिए सिलाई सेंटर, कंप्यूटर सेंटर की स्थापना कराना।
युवाओं के लिए खेल के मैदान का निर्माण कराना।
सांसद, विधायक व जिला पंचायत के निधियों से गांव मेें विकास कार्य कराना।
बड़ौत के बावली गांव के अमर शहीद अनिल तोमर का द्वार का दृश्य।- फोटो : BARAUT